बागपत। बाघू गांव में बृहस्पतिवार को एंटी भूमाफिया सैल की टीम ने तालाब की जमीन पर बने मकानों पर निशान लगाने शुरू किए तो लोगों ने इसका विरोध किया। हंगामा बढ़ा तो तहसीलदार पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। खाद के गड्ढे की जमीन को कब्जा मुक्त करने को तीन दिन का समय दिया और पूर्व माध्यमिक स्कूल की जमीन को कब्जा मुक्त कराया। तालाब की जमीन पर बने मकान चिह्नित किए।
एंटी भूमाफिया सैल के प्रभारी कानूनगो रोहित तोमर के नेतृत्व में टीम बाघू गांव पहुंची। तालाब, खाद के गड्ढे और पूर्व माध्यमिक स्कूल की जमीन पर कब्जा मुक्त कराने के लिए नक्शे के अनुसार जांच पड़ताल की। तालाबों पर बने मकानों पर टीम ने लाल निशान लगाया तो लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। टीम के साथ नोकझोंक की। हंगामा बढ़ा तो कानूनगो ने तहसीलदार राजबहादुर और बागपत कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी को इसकी सूचना दी।
तहसीलदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हंगामा कर रहे लोगों को खदेड़ा। इसके बाद टीम ने तालाबों की जमीन पर बने मकानों पर लाल निशान लगाए। कानूनगो रोहित तोमर ने बताया कि गांव में पूर्व माध्यमिक विद्यालय की जमीन पर लोगों ने कब्जा किया हुआ था, जिसको टीम ने खाली कराया। खाद के गड्ढों की जमीन पर लोग दीवार का निर्माण करा रहे थे। उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है। चेतावनी दी भूमि को कब्जा मुक्त नहीं किया तो जेसीबी से खाली कराई जाएगी। थाने में भी मामला दर्ज कराएंगे। टीम में तहसीलदार राजबहादुर, कानूनगो रोहित तोमर, लेखपाल विनोद शर्मा, महेश शर्मा, श्यामपाल राठी, बलबीर सिंह शामिल रहे।
टीम के पहुंचते ही गांव में मचा हड़कंप
एंटी भूमाफिया सैल के कर्मचारियों द्वारा सरकारी जमीन पर निशान लगाते ही गांव में हड़कंप मच गया। नेताओं के पास फोन खड़कने शुरू हो गए थे। प्रशासन की इस कार्रवाई से कोई भी नेता टीम के बीच नहीं पहुंचा।