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धरती हिली, कांपे लोग

Tue, 27 Oct 2015 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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बागपत। कोई घर में सो रहा था तो कोई घर में अपने कामों में व्यस्त था। कोई दुकानों पर तो कोई स्कूलों में कामकाज में जुटा हुआ था। दोपहर करीब 2.45 बजे धरती के कांपते ही अफरातफरी का आलम हो गया। लोग अपने घरों से चीखते हुए निकले कि भागो जलजला आ गया है।
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काफी लोग घरों से बाहर खुले मैदान में पहुंच गए। करीब 15 सेकेंड में दो बार लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। कई घंटों तक लोग खौफ के साये में बाहर ही अपना समय व्यतीत किया। दहशत में रहे। हालांकि अभी तक जिले में भूकंप से किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

सोमवार को दोपहर में 2.45 बजे सब कुछ सामान्य चल रहा था। अचानक धरती हिलने लगी। लोग जलजला आया... जलजला आया... कहकर शोर मचाते हुए बाहर की ओर दौड़े। जो जहां जैसे बैठा था बाहर की ओर दौड़ पड़ा। सरकारी कार्यालयों में बैठे लोगों की कुर्सी हिल गई और घबराकर सड़क पर आ गए।
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दुकानों में बैठे लोग सड़क पर आ गए। बाजार में भूकंप का शोर मच गया। गली मोहल्लों में भूकंप आने का शोर सुनकर लोग घरों से बाहर सड़कों पर खड़े हो गए। करीब एक घंटे तक लोगों में भूकंप की दहशत बरकरार रही। सब कुछ सामान्य होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।

दीवार में आई दरार
मोहल्ला माता कॉलोनी के ईशाक ने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ घर पर था। उसी समय भूकंप के तेज झटके महसूस हुए, तो वह बच्चों को लेकर घर से बाहर की ओर भागा। उसे तो ऐसा लगा न जाने किसने तेज झकझोर दिया। उसके मकान की दीवार में दरार आ गई। इसी मोहल्ले की जमीला ने बताया कि भूकंप से उसके मकान के खंभे में दरार आ गई है। मुगल पुरा के कादिर का कहना है कि उसके छज्जे में भी भूकंप से दरार आ गई है।

किसी का पंखा हिला तो किसी की कुर्सी हिली
मोहल्ला बड़ा बाजार निवासी सुशीला ने बताया कि वह बेंच पर लेटी हुईं थीं, अचानक बेंच जोर-जोर से हिलने लगी, इधर-उधर देखा तो कोई नहीं, तभी कुर्सी भी हिलती नजर आई तो उन्हें महसूस हुआ कि भूकंप का झटका है। वह बच्चों को लेकर घर से सड़क पर आ गई। लगभग आधा घंटे बाद ही वह घर में गईं।

गांधी बाजार में कास्मेटिक की दुकान करने वाले संजय ने बताया कि जिस समय भूकंप आया, उस समय वह कुछ महिलाओं को सामान दिखा रहे थे। जैसे ही भूकंप के झटके लगे महिलाएं दुकान छोड़कर भाग कर बाहर खड़ी हो गईं।

मोहल्ला ठाकुरद्वारा की ममता ने बताया कि वह अपने कमरे में बच्चों के साथ टीवी देख रहीं थीं। अचानक उन्हें अपने को हिलता हुआ महसूस किया। पंखा भी तेजी से हिल रहा था। वह तुरंत सो रहे बच्चे को गोद में लेकर बाहर की ओर भागी। बाहर काफी भीड़ लगी हुई थी।

मोहल्ला मुगलपुरा में नूरू खलीफा, जाहिद, अशफाक, खुर्शेद, इरफान, शमशाद समेत सभी लोग अपने परिवार के साथ सड़कों पर आ गए। मेरठ रोड निवासी ओमवीर ढाका ने बताया कि पूरा मोहल्ले में भूकंप का शोर मच गया। लोग घरों से बाहर निकलकर आ गए। लोगों को लगा कि भूकंप की गति तेज हो गई तो नेपाल जैसी त्रासदी न हो जाए।

26 तारीख को ही क्यों आता है भूकंप
सोशल साइट पर 26 तारीख को भूकंप एवं अन्य आपदाएं आने की खबरों से भी लोगों में भारी दहशत बन गई है। बताया जा रहा है कि अधिकांश बड़ी घटनाएं 26 तारीख को ही हुईं हैं। लोगों में इस बात की भी चर्चा रही कि आखिर 26 तारीख को ही भूकंप क्यों आ रहा है। भूकंप का तारीख से क्या संबंध है।
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