बागपत। समाज कल्याण विभाग से मिलने वाली पेंशन लाभार्थियों के पास स्वर्ग तक पहुंच रही थी। यह सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा, मगर यहां ऐसा ही कुछ हो रहा था। जिन लाभार्थियों की मौत हो गई थी, उनके परिजनों ने इस बारे में विभाग को नहीं बताया। उनके खातों में लगातार पेंशन पहुंचती रही। अब मामले की जांच होने के बाद 21 लाभार्थियों को मिले दो लाख तीस हजार रुपये की रिकवरी कराई गई।
समाज कल्याण विभाग से बुजुर्गों को एक हजार रुपये महीने पेंशन दी जाती है, जो तीन महीने में लाभार्थियों के खातों में भेजी जाती है। समाज कल्याण विभाग में 22 हजार 500 से अधिक लाभार्थी है, जिन्हें जून माह में आखिरी बार तीन माह के तीन हजार रुपये की किस्त दी गई थी। जिले में कुछ पेंशन धारकों की अलग-अलग कारणों से मौत हो गई। उनके परिजनों ने विभााग को इसकी सूचना भी नहीं दी। इसके चलते विभाग से मिलने वाली पेंशन की किश्त लाभार्थियों के बैंक खातों में जाती रही।
इसका पता चलने पर परिवार वाले अक्तूबर माह में मृतक लाभार्थियों के मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर समाज कल्याण विभाग में पहुंचे तो उन्होंने रुपये वापस कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। विभाग ने 21 मृतक लाभार्थियों के बैंक खातों से दो लाख तीस हजार रुपये वापस कराए।
-
एक लाभार्थी को 19 तो दूसरे को बीस माह की पेंशन मिली
21 लाभार्थियों में शहर के मोहल्ला ईदगाह की बुजुर्ग महिला लाभार्थी मूना की मौत होने के बाद उसके बैंक खाते में 19 माह की पेंशन भेज दी गई। इसके अलावा रामनगर गांव की हरबीरी के बैंक खाते में बीस माह की पेंशन भेजी गई। मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने के बाद विभाग ने पेंशन भी बंद करा दी।
वर्जन-पेंशन लाभार्थियों की जांच कराई गई, जिसमें कई लाभार्थी मृतक मिले। उनके परिवार वालों से पेंशन बंद कराने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र लिया गया। इसके बाद प्रमाण पत्र में मृत्यु की तारीख के आधार पर 21 मृतकों के खाते में भेजे गए दो लाख 30 हजार रुपये वापस कराए गए हैं। - तुलिका शर्मा, जिलाा समाज कल्याण अधिकारी