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Baghpat News: पॉजिटिव और ओ निगेटिव रक्त लेने को नहीं मिल रहे मरीज

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-रक्त खराब होने का खतरा, विभाग ने मेडिकल कॉलेज को रक्त लेने के लिए भेजा पत्र
प्रवीण शर्मा
बागपत। जिला रक्तकोष में पॉजिटिव और ओ निगेटिव ग्रुप की भरमार है। खून लेने के लिए मरीज और तीमारदार नहीं पहुंच रहे हैं इसलिए खून खराब होने का डर सता रहा है। खून खराब न हो, इसलिए रक्तकोष की प्रभारी ने मेरठ मेडिकल को पत्र लिखा है कि वह जरूरत के अनुसार यहां से रक्त मंगवा सकते हैं।
जिला अस्पताल के रक्तकोष के अलावा तीन निजी अस्पताल में रक्तकोष है। जिला अस्पताल के रक्तकोष में पॉजिटिव ग्रुप और ओ निगेटिव खून की अधिकता है और इस ग्रुप के खून की जरूरत कम पड़ रही है। जिससे विभाग को खून खराब होने का डर सता रहा है। विभाग को सबसे अधिक खतरा ओ निगेटिव खून के खराब होने का लग रहा है। अब विभाग की ओर से मेडिकल कॉलेज को जरूरत पड़ने पर बागपत से खून मंगवाने के लिए पत्र भेजा है। संवाद
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निगेटिव ग्रुप की कमी
जिला रक्तकोष में निगेटिव ग्रुप की कमी है। रक्तकोष में ए निगेेटिव की एक यूनिट, बी निगेटिव की चार यूनिट, जबकि एबी निगेटिव की एक भी यूनिट नहीं है। एबी पॉजिटिव की भी सिर्फ दो यूनिट है। इसके अलावा जिले के प्राइवेट ब्लड बैंकों में भी निगेटिव ग्रुप की कमी है। बड़ौत के दो निजी अस्पताल के रक्तकोष में ए, बी और एबी निगेटिव की कमी है।
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जिला अस्पताल के रक्तकोष में रक्त की स्थिति
ग्रुप यूनिट
ए पॉजिटिव 23
बी पॉजिटिव 33
ओ पॉजिटिव 20
एबी पॉजिटिव 02
ए निगेटिव 01
बी निगेटिव 04
ओ निगेटिव 08
एबी निगेटिव 00
35 दिन में खराब हो जाता है रक्त
रक्त को 35 दिन तक संरक्षित किया जा सकता है। इसके बाद रक्त खराब हो जाता है। खून खराब न हो इसके लिए अन्य अस्पतालों में खून भेजने के लिए संपर्क किया जा रहा है। -डॉ ऐश्वर्या, प्रभारी जिला रक्तकोष
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