- पिछले चुनाव में थे 21, इस बार रटौल नगर पंचायत बनने से रह जाएंगे सिर्फ 20 वार्ड
- निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम सूची का प्रकाशन 15 व 16 जनवरी को
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। रटौल को नगर पंचायत स्वीकृत किए जाने के बाद जिले में जिला पंचायत के लिए आंशिक परिसीमन होगा। इस बार जिला पंचायत में 20 वार्ड रह जाएंगे। आंशिक परिसीमन में खेकड़ा, पिलाना और बागपत ब्लॉक के गांव प्रभावित होंगे। निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम सूची का प्रकाशन 15 और 16 जनवरी को होगा। पांच जनवरी से प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी।
साल 2015 में जिला पंचायत के 21 वार्ड पर चुनाव हुआ था। वार्ड संख्या 20 के सबसे बड़े गांव रटौल को नगर पंचायत का दर्जा मिल जाने के बाद इस बार समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। जिला आंशिक परिसीमन में आ गया है। तय हो गया है कि जिला पंचायत के इस बार कुल 21 के बजाए 20 वार्ड ही होंगे। पिछले साल रटौल के साथ वार्ड 20 में शामिल रहे अन्य 11 गांव को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। इन गांव में गोठरा, नूरपुर मुजाविदा, सुभानपुर, नौरोजपुर एम्मा, मुबारिकपुर, बड़ा गांव, फखरपुर, अहमदनगर, नंगला बढ़ी शामिल है। आंशिक परिसीमन में खेकड़ा ब्लॉक की सियासत पूरी तरह बदलेगी। इसके अलावा बागपत और पिलाना ब्लॉक के वार्ड भी आंशिक तौर पर प्रभावित होंगे। सीडीओ अभिराम त्रिवेदी ने बताया कि जिला पंचायत में 20 वार्ड होंगे। निर्वाचन क्षेत्र की अंतिम सूची का प्रकाशन 15 और 16 जनवरी को किया जाएगा।
नौ वार्ड थे अनारक्षित श्रेणी में
बागपत। साल 2015 में हुए चुनाव में वार्ड संख्या एक, चार, छह, आठ, 10, 11, 16, 17 और 20 को अनारक्षित रखा गया था। महिलाओं के लिए चार वार्ड जिले में सुरक्षित थे। इस बार आरक्षण पर भी लोगों की निगाह टिकी हुई है।
पंचायत चुनाव के लिए खून-खराबा
बागपत। पंचायत चुनाव के लिए खून-खराबा भी साल 2020 में शुरू हो गया। जिला पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे कुख्यात परमवीर तुगाना की कूड़ी गांव में हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की हत्या नगर पंचायत चुनाव की रंजिश में हुई। सियासी लोगों में शामिल रहे देशपाल बदरखा की हत्या भी हुई।