बड़ौत। एक तरफ घर पर बुजुर्ग माता-पिता और दूसरी तरफ फर्ज। डॉ शहजमानी ने सबसे पहले चुनी फर्ज की राह। माता-पिता के लिए उनके मन में चिंता है। डर रहता है, लेकिन वह स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ अपनी ड्यूटी पर डटी है। सहारनपुर की रहने वाली डॉ शहजमानी की ड्यूटी बड़ौत सीएचसी पर है। कोरोना वायरस के चलते इस समय उनकी ड्यूटी स्क्रीनिंग सेंटर पर है। जांच और दिशा निर्देश देने के लिए वह सीएचसी, क्वारंटीन सेंटर और आइसोलेशन सेंटर पर काउंसिलिंग करती हैं। माता शबाना अहमद और पिता अली अहमद बुजुर्ग हो चुके है और अक्सर बीमार रहते हैं। मगर, डॉ. शहजमानी पहले फर्ज को और बाद में परिवार को अहमियत दे रही है। कभी-कभार ही ड्यूटी से घर पर जाती है। वह कहती है कि देश और समाज सेवा से बढ़कर कुछ नहीं है।