बागपत में जिला पंचायत सदस्य पद के लिए बागपत और छपरौली विकास खंड में तीसरे चरण के चुनाव के लिए खरीदे गए 85 नामांकन पत्रों के सापेक्ष 40 लोगों ने नामांकन किया। सबसे अधिक 16 नामांकन वार्ड नंबर सात में किया गया। इस चरण में मात्र चार वार्डों का चुनाव होना है।
मंगलवार को तीसरे चरण के लिए नामांकन किया गया। बागपत और छपरौली विकास खंड के चार वार्डों के लिए होने वाले चुनाव के पहले दिन 40 उम्मीदवारों ने नामांकन किया। चार वार्डों 5, 7, 13 और 14 में से तीन वार्ड तो महिला के लिए ही आरक्षित हैं, जिनमें वार्ड संख्या 5 और 13 नंबर वार्ड महिला के लिए, जबकि 7 नंबर वार्ड पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित है।
14 नंबर वार्ड भी पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। इसके चलते मंगलवार को हुए 40 नामांकन में से 31 नामांकन महिलाओं के रहे, जिसमें वार्ड पांच नंबर वार्ड से सबसे कम महिलाओं ने नामांकन किया है। इसमें मात्र 5 ही उम्मीदवारों का नामांकन है।
जबकि वार्ड 7 से 16, वार्ड 13 से 10 महिलाओं ने नामांकन किया। वार्ड 14 से 9 लोगों का नामांकन हुआ है। अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार मालपाणी ने बताया कि बुधवार को भी नामांकन होगा।
तीसरे चरण के पहले दिन का नामांकन
प्रत्याशी श्याम शर्मा और 600 समर्थकों पर एफआईआर
बागपत। बगैर अनुमति चुनावी रैली निकालने पर जिला पंचायत सदस्य के लिए वार्ड छह के प्रत्याशी श्याम शर्मा और उसके 600 समर्थकों के विरुद्ध पुलिस ने आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक शबगा निवासी प्रत्याशी श्याम शर्मा, 4 अक्टूबर को 80-90 ट्रैक्टर-ट्राली से अपने 500-600 समर्थकों के साथ जुलूस के रुप में रैली निकालते हुए गांव शबगा से ककौर, बदरखा होते हुए गुजर रहे थे। सूचना पर पहुुंची पुलिस ने जुलूस को बदरखा गांव में रोक दिया।
पुलिस ने उनसे रैली, जूलूस का अनुमति पत्र मांगा। मगर, उनके पास कोई पत्र नहीं मिला था। इस पर पुलिस ने जुलूस को आगे नहीं जाने दिया था। इसे लेकर समर्थकों और पुलिस के बीच काफी नोकझोंक भी हुई थी। छपरौली थाना प्रभारी धर्मेंद्र पंवार ने बताया कि प्रत्याशी श्याम शर्मा और उसके 600 समर्थकों पर आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज की गई है।