जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित बच्ची की जांच करते चिकित्सक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिले में बुखार का प्रकोप फैल गया है। प्राइवेट और सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए मरीजों की भरमार है। अकेले जिला अस्पताल में 450 -500 बुखार के मरीज हर रोज पहुंच रहे हैं। हालत गंभीर देखकर कुछ मरीजों को चिकित्सक भर्ती कर रहे हैं।
मौसम में बदलाव के साथ बुखार का प्रकोप फैल गया है। बारिश होने के कारण जगह-जगह पानी भरा हुआ और गंदगी हो रही है। उनमेें मच्छर पैदा हो रहे है। जो लोगों को शिकार बना रहे है। ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी रहती है।
जिला अस्पताल का तो हाल बुरा है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाहा ने कहा बुखार से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल में हर रोज डेढ़ से दो हजार मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें से 450-500 मरीज बुखार से ग्रस्त आ रहे हैं। सभी को उपचार दिया जा रहा है।
डाक्टरों का कहना है कि बुखार से बचाव के लिए मकान के आसपास गंदगी न फैलने दें। नाली, गड्ढों और बर्तन में पानी एकत्र न होने दें। बुखार होने पर मरीज का तुरंत उपचार कराए, बगैर चिकित्सक परामर्श के दवाई न लें।
सीएमओ डॉ सुषमा चंद्र ने कहा मौसम बदलने से वायरल फीवर हो रहा है। डेंगू के जहां केस मिले हैं। उन स्थानों पर फॉगिंग और दवाई का छिड़काव कराया, साथ ही कैंप लगाकर भी मरीजों का उपचार कराया जा रहा है।
उधर, शहर निवासी शेखर (55) पिछले तीन दिन से डायरिया से पीड़ित था। परिजनों ने उसका निजी चिकित्सक से उपचार कराया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। शनिवार को उसकी हालत बिगड़ने पर मौत हो गई।