बागपत में नवरात्र पर्व पर जानकीदास मंदिर में पूजा करते श्रद्घालु
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बागपत/बड़ौत/खेकड़ा। या देवी सर्वभूतेषु, शक्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:। इस मंत्र के साथ श्रद्धालओं ने चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की उपासना की। घरों में शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर माता का गुणगान किया। मंदिरों में दिन भर मां के जयकारे गूंजते रहे।
मंदिरों में सुबह से ही मां भगवती की पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने घरों में शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर मां भगवती की पूजा की। दोपहर में मंदिरों में भजन कीर्तन हुआ। ज्योतिषाचार्य पंडित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि पहले नवरात्र पर माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है। माता शैलपुत्री पार्वती का रूप है। शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन में सफलता प्राप्त होती है। इनके एक हाथ में त्रिशुल और दूसरे हाथ में कमल का फूल है। शनिवार को मंदिरों में माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई।
बड़ौत के रेलवे स्टेशन परिसर स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर, पंचवटी मंदिर, पंचमुखी मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। इंस्पेक्टर मगवीर सिंह गिल ने पुलिसकर्मियों के साथ मंदिरों में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उधर, खेकड़ा में बाबा काले सिंह मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर औरंगाबाद, चक्रसेनपुर, शिव मंदिर अहिरान, सदाशिव शक्ति मंदिर रामपुर, बालाजी मंदिर अहिरान, मां मंशा देवी मंदिर बड़ागांव, बालाजी धाम डूंडाहेड़ा में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।