बागपत। मुख्य सेविका की नियुक्ति के विरोध में छपरौली और बड़ौत की आंगनबाड़ी और सहायिकाएं डीएम और डीपीओ से मिलीं। शिकायती पत्र सौंप मुख्य सेविका को छपरौली न भेजने की मांग की गई।
सोमवार को छपरौली और बड़ौत की आंगनबाड़ी और सहायिका डीएम और डीपीओ से मिली। आरोप लगाया मुख्य सेविका भ्रष्टाचार में लिप्त रहती है, इस कारण उसका छह माह पूर्व मुजफ्फरनगर में ट्रांसफार्मर हो गया था।
आरोप लगाया रुपयों के बल पर दोबारा से उसने जिले में ही अपना स्थानांतरण करा लिया है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाओं में रोष है।
डीएम से उसे ज्वाइनिंग न देने की मांग की। उन्होंने उप्र आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने निदेशक लखनऊ को पत्र भेजकर मुख्य सेविका को स्थानांतरण निरस्त करने की भी मांग की हैं। जिले में उसे नियुक्ति दी तो आंगनबाड़ी आंदोलन करेगी।
इसमें बबीता, उमा देवी, संगीता जयंत, रिहाना, गीता देवी, कौशल, प्रवीण, अंजू, संगीता, सोमवती, कौसर जहां, अनीता, सुनीता, बीना, राकेश, कविता, सुमन, अंजू, रीना, मुनेश, राजबाला, रेखा, पूनम, सुशीला, रहीसा, मुकेश आदि रही।
लखनऊ रवाना हुई आंगनबाड़ी
बागपत। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले दर्जनों आंगनबाड़ी और सहायिका मांगों को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई। जिलाध्यक्ष सुषमा गुर्जर ने बताया प्रमुख मांग आंगनबाड़ी और सहायिका को राज्य कर्मचारियों को दर्जा, वेतन भत्ते, मानदेय बढ़ोतरी, वार्षिक वेतन वृद्धि, सेवा निवृत्ति पर अंतिम वेतन आहरण के आधार पर प्रतिमाह दिया जाए, ये प्रमुख मांगे है।
इसमें सरिता चौधरी, सुनीता रंगा, कोमल, अनीता, सुनीता, ओमबती, अंजू, रचना, नीलम, रेखा, राकेश, रिहाना, मुनेश, पिंकी आदि रही।