बड़ौत। बड़का गांव में पेयजल शुल्क के नाम पर लाखों का घोटाला किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। ग्राम सचिव द्वारा आरोपी पेयजल आपरेटर को बार-बार नोटिस भेजे गए। इसके बावजूद उसने जवाब देना उचित नहीं समझा। फिलहाल विभागीय स्तर पर उक्त पेयजल आपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने की कार्रवाई शुरू की गई है।
मामला बड़ौत ब्लॉक के बड़का गांव का है। यहां पेयजल व्यवस्था सुचारु रखने के लिए गांव में पेयजल आपरेटर तैनात है। ग्रामीण पिछले दो-तीन माह से आपरेटर पर पेयजल शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत कर रहे हैं। इसे एक बार भी ग्राम सचिव प्रिंस जैन ने गंभीरता से नहीं लिया। मामला बीडीओ राहुल वर्मा के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने सचिव प्रिंस जैन को पेयजल आपरेटर को नोटिस भेजकर वर्ष 2019-2020 व 21 में आए कुल पेयजल शुल्क का ब्योरा मांगा। जिसके बाद तीन बार ग्राम सचिव ने पेयजल आपरेटर को नोटिस भेजकर जवाब मांगा।
इसके बावजूद आपरेटर ने जवाब नहीं दिया। इस पर ब्लॉक स्तरीय टीम ने गांव पहुंचकर पेयजल शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत सही पाई। दर्जनों ग्रामीणों से आपरेटर ने पेयजल शुल्क के नाम से अवैध वसूली कर रखी है। फिलहाल ब्लॉक स्तर से आपरेटर के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जल्द रिपोर्ट दर्ज कराएंगे
ग्राम सचिव प्रिंस जैन ने बताया कि आपरेटर वर्ष 2014 से गांव में तैनात है। उससे वर्ष 2019-2020 व 21 से नोटिस भेजकर वसूली संबंधी जवाब मांगा गया था, लेकिन वह जवाब नहीं दे रहा है। वहीं, बीडीओ राहुल वर्मा ने बताया कि बड़का गांव में पेयजल शुल्क वसूलने के नाम पर आपरेटर द्वारा अवैध वसूली की शिकायत मिली थी। जांच में शिकायत सही पाई गई। बताया कि बार-बार नोटिस भेजने के बाद भी आपरेटर पेयजल शुल्क वसूली का हिसाब नहीं दे रहा है। जल्द ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।