फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन पर चल रहे नर्सिंगहोम

Sun, 18 Sep 2016 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
विज्ञापन
नैन मेडिकल सेंटर में हुई गर्भवती की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। बड़ौत में आधा दर्जन से अधिक नर्सिंग होम में चिकित्सकों की टीम ने छापामारी की। यहां कई खामियां पकड़ी गई। मानक के अनुसार नर्सिंग होम नहीं चल रहे थे। कई जगह रजिस्ट्रेशन क्लीनिक का था, लेकिन इनकी जगह नर्सिंग होम चलते मिले। 
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीएएमएस डिग्री धारकों के खिलाफ जांच अभियान चलाया। बड़ौत में आठ नर्सिंग होम में छापेमारी की गई। जहां पर सब कुछ मानक के विपरीत मिला। नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ रामेश्वर दयाल ने बताया कि इन नर्सिंग के डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन क्लीनिक का था, लेकिन उस रजिस्ट्रेशन पर बड़े-बड़े नर्सिंग होम खुले मिले। एक-एक बैड पर दो-दो मरीजों को लिटाया हुआ था।

जिसे देखकर जांच टीम के चिकित्सक हक्के-बक्के रह गए। नर्सिंग होम संचालकों के सभी दस्तावेज देखे गए। कमियां मिलने पर आठ नर्सिंग होम संचालकों को नोटिस जारी होगा। जवाब नहीं मिलने पर सभी नर्सिंग होम को सील करते हुए विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कुछ जगह बीएएमएस की डिग्री पर क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन था, लेकिन नर्सिंग होम खुले मिले। मरीजों को भी नियमों के विरुद्ध भर्ती किया हुआ था। 
विज्ञापन


इन नर्सिंग होम पर की गई जांच
बड़ौत के रेलवे रोड पर स्थित पंवार नर्सिंग होम, मेट्रो हॉस्पिटल, प्रिया नर्सिंग होम, ऊषा नर्सिंग होम, गिरवर नर्सिंग होम, सैनी नर्सिंग होम, सहारा नर्सिंग होम, बंसल नर्सिंग होम शामिल है। 

पंवार नर्सिंगहोम में एक बेड पर मिले दो-दो मरीज ःसहायक नोडल अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि बड़ौत के रेलवे रोड स्थित पंवार नर्सिंगहोम में सबसे ज्यादा लापरवाही देखने को मिली। मानक के अनुसार नर्सिंगहोम नहीं चल रहा था। एक बेड पर दो-दो मरीज लेटे मिले। बीएएमएस की डिग्री पर क्लीनिक का ही रजिस्ट्रेशन था, लेकिन नर्सिंग होम चला रखा था। 

झोलाछाप डॉक्टरों में भी मचा हड़कंप ः  स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी से झोलाछाप डॉक्टरों में भी हड़कंप मच गया है। ऐसे डॉक्टरों को नोटिस देने की तैयारियां की जा रही है। जल्द विभिन्न गांवों के झोलाछाप डॉक्टरों को नोटिस देंगे, उसके बाद थानों में रिपोर्ट दर्ज होगी। 
विज्ञापन


जांच टीम में ये रहे शामिल
नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. रामेश्वर दयाल, सहायक नोडल अधिकारी अजय शर्मा, अनुज श्रीवास्तव, रामबीर मुख्य थे। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें