बागपत। रालोद अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य जयंत चौधरी की निधि से होने वाले कार्य अभी तक अफसरों ने शुरू नहीं कराए। जिससे ढाई करोड़ रुपये में 11 महीने में एक भी रुपया अधिकारी खर्च नहीं कर सके और उनकी ढाई करोड़ की दूसरी किस्त अटक गई है। उनकी जबतक पहली किस्त से पैसा खर्च नहीं होगा, तब तक दूसरी किस्त नहीं मिलेगी।
रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने राज्यसभा सदस्य बनने पर सांसद निधि के लिए बागपत को अपना नोडल जिला बनाया था। जिसके बाद पहली किस्त के ढाई करोड़ रुपये सितंबर 2022 में आए थे। उसको खर्च करने के लिए जयंत चौधरी ने जनता वैदिक डिग्री काॅलेज में रेसलिंग कोर्ट बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसका एस्टीमेट 42 लाख रुपये का तैयार हुआ था। इसके अलावा बड़ौत के शाहमल स्टेडियम में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसका तीन करोड़ 78 लाख रुपये का एस्टीमेट था। इनमें सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का एस्टीमेट ज्यादा होने के कारण उस कार्य को निरस्त कर दिया, जबकि रेसलिंग कोर्ट बनाने को मंजूरी दी गई थी। एक प्रस्ताव निरस्त होने पर जयंत चौधरी ने मुजफ्फरनगर के साहटू में स्टेडियम बनवाने का प्रस्ताव दिया। लेकिन अभी तक किसी भी कार्य को शुरू नहीं कराया जा सका है और इस कारण उनकी निधि का अभी एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ। जिससे कई महीने पहले मिलने वाली उनकी ढाई करोड़ रुपये की दूसरी किस्त अटक गई है।
दो लाख 57 हजार रुपये ब्याज मिल गया
जहां जयंत चौधरी की सांसद निधि की पहली किस्त ढाई करोड़ से अभी तक एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ है। वहीं उसपर दो लाख 57 हजार रुपये ब्याज जरूर मिल गया है। अब वह दो करोड़ 52 लाख 57 हजार रुपये हो गई है और अब ढाई लाख रुपये ज्यादा के कार्य कराए जा सकते हैं।
पहले चरण में बड़ौत और मुजफ्फरनगर में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कुछ कार्य दिए है। जनता वैदिक में जिस ट्रैक का प्रस्ताव दिया था, उसमें कुछ समस्या आई है। लेकिन अन्य कार्य शुरू कराए जा सकते थे। अब सांसद निधि के लिए नए दिशा-निर्देश आए है, जिसमें कुछ सुधार किए गए है। काम पूरा करने के लिए प्रशासन के सहयोग की आवश्यकता होती है और मुझे उम्मीद है कि इन कार्यों को प्राथमिकता देकर कराया जाएगा। - जयंत चौधरी, रालोद अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य
राज्यसभा सदस्य जयंत चौधरी की निधि से अभी तक कार्य शुरू कराकर उसे खर्च क्यों नहीं किया गया है। इस बारे में फाइल दिखवाई जाएगी, क्योंकि मैं कुछ दिन पहले ही यहां आया हूं। उनके प्रस्ताव के जितने भी कार्य होने वाले है, उनको जल्द ही शुरू करा दिया जाएगा। - हरेंद्र कुमार, परियोजना अधिकारी जिला ग्राम्य विकास अभिकरण