बागपत में मेरठ बाईपास रोड स्थित भूमि पर हो रहे अवैध कब्जा हटवाने के विरोध में बुधवार को जमकर बवाल हुआ। महिलाओं ने तहसील प्रशासन की टीम पर पथराव कर दिया। सूचना पर पहुंची महिला थाना पुलिस पर भी महिलाओं ने पत्थर फेेंके। यहीं नहीं, महिला पुलिसकर्मियों की लाठियां छीनकर उन पर ही टूट पड़ीं। इसमें महिला दारोगा समेत दो पुलिस कर्मी घायल हो गए। पुलिस ने बमुश्किल मामला शांत कराया। साथ ही चार महिलाओं को हिरासत में ले लिया, देर उन्हें शाम छोड़ दिया गया।
सपा नेता डब्बू उर्फ योगेंद्र चौहान की शिकायत पर तहसीलदार अशोक चौधरी बुधवार को लेखपाल की टीम लेकर दिल्ली रोड स्थित मेरठ बाईपास पहुंचे और जमीन की पैमाइश शुरू कराई। इसी दौरान वहां मौजूद महिलाओं ने पैमाइश का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। यही नहीं तहसीलदार और उनकी टीम को पैमाइश करने से रोक दिया। तहसीलदार ने पुलिस और एसडीएम को इसकी सूचना दी। मौके पर एसडीएम राकेश कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी कर्मवीर सिंह एवं महिला थानेदार प्रतिभा सिंह पुलिस बल के साथ पहुंच गए और विरोध कर रही महिलाओं को हटाने का प्रयास किया।
पुलिस की कार्रवाई होते ही महिलाएं भड़क उठीं और उन्होंने पुलिस एवं तहसील प्रशासन की टीम पर पथराव शुरू कर दिया। महिलाओं ने तहसीलदार अशोक चौधरी को भी दौड़ा लिया। इससे भगदड़ मच गई। महिला एसओ और पुलिस कर्मियों को कई पत्थर लगे। इस पर पुलिस ने लाठियां फटकारनी शुरू कर दी तो महिलाएं भड़क उठी। उन्होंने पुलिस कर्मियों से उनकी लाठियां छीन ली और भिड़ गईं।
काफी देर तक अधिकारियों के सामने जमकर गुत्थमगुत्था हुई। बाद में पुलिस ने चार महिलाओं को जबरन जीप में बैठा लिया और थाने ले गईं। इस दौरान एक महिला कांस्टेबल एवं महिला दारोगा को चोट भी आई। एसडीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि भूमि का कब्जा हटवाने को लेकर कई बार विवाद हो चुका है। इस बार पैमाइश कराकर चारदीवारी कराई जा रही है। कुछ महिलाओं ने विरोध किया था। जिन्हें महिला पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।