बागपत के खेकड़ा क्षेत्र के ग्राम नुरपुर में सस्ते गल्ले की दुकान से राशन वितरण सही ढंग से न होने के आरोप के चलते गांव में खुली बैठक का आपूर्ति निरीक्षक की मौजूदगी में हुई। इसमें दोनों पक्षों के लोगों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान जमकर संघर्ष एवं पथराव में ग्राम प्रधान के पति समेत दोनों पक्षों के 30 लोग घायल हो गए। पुलिस ने घायलों का इलाज कराया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ तहरीर दी।
क्षेत्र के ग्राम नूरपुर में सस्ते गल्ले की दुकान को लेकर ग्रामीण लंबे समय से राशन का सही ढंग से वितरण न होने का आरोप लगा अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर शुक्रवार को आपूर्ति निरीक्षक अमित कुमार श्रीवास्तव गांव में जांच करने पहुंचे। उन्होंने ग्राम प्रधान के पति संजय की मौजूदगी में खुली बैठक का आयोजन किया।
इसमें दोनों पक्षों में पहले कई बार आपूर्ति निरीक्षक की मौजूदगी में नोक झोंक हुई। कुछ देर बाद दोनों पक्षों में कहासुनी संघर्ष में बदल गई। इसके चलते आपूर्ति निरीक्षक वहां से चले गए। दोनों पक्षों में जमकर हुए संघर्ष के दौरान लाठी डंडे चलने के साथ ही पथराव पथराव भी हुआ, संघर्ष की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लाठियां फटकार दोनों पक्षों को शांत किया।
संघर्ष में ग्राम प्रधान निर्मेश के पति संजय, सिया नंद, राजू, सुधीर, सुंदर, कपिल, परमानंद, राज सिंह, सीमा, कांता, मोंटी, राजू, ईशा, मुकुल और शानू, कोटेदार पक्ष के सतपाल, कालू, सुदेश, राजीव, टीटू, गौरव, पैमी समेत दो दर्जन घायल हो गए। थाना प्रभारी अनुराधा सिंघल ने मामला शांत कराने के बाद दोनों पक्षों के लोगों को थाने लाकर घायलों को सीएचसी में इलाज कराया। साथ ही दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
ग्राम प्रधान पक्ष ने कहा आपूर्ति निरीक्षक ने गांव के लोगों की कोटेदार के खिलाफ जो शिकायत थी उन्हें न सुनकर कोटेदार पक्ष के लोगों की ही बात सुनी। यदि वह दोनों पक्षों की बात सुनते तो घटना घटित नहीं होती। उन्होंने कहा ग्रामीण कई बार तहसील दिवस में भी शिकायत कर चुके हैं। थाना प्रभारी ने कहा जांच शुरू कर दी। गांव में प्रत्येक दशा में अमन चैन कायम कराया जाएगा।