बागपत। अब घर-घर से कूड़ा उठाने के बदले नगर पालिका शुल्क वसूल करेगी। जल्द ही शुल्क तय कर दिया जाएगा। पालिका अफसरों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
शहर से रोजाना 18 टन कूड़ा इकट्ठा हो रहा है। मोहल्लों में नगर पालिका की गाड़ियां घूमकर घरों से कूड़ा इकट्ठा करके ले जाती है और डंपिंग क्षेत्र में डाल देती है। इसके लिए किसी से भी कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इस वजह से नगर पालिका पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। हर रोज हजारों रुपये का बजट खर्च हो रहा है। गाड़ी में तेल, एक चालक और अन्य कार्यों पर खर्च किया जा रहा है। अब पालिका नि:शुल्क कूड़ा उठाने की व्यवस्था को बंद करने जा रही है। लोगों से शुल्क लिया जाएगा। जल्द शुल्क निर्धारित किया जाएगा।
ईओ ललित कुमार आर्य ने कहा कि अब पालिका की ओर से शुल्क निर्धारित किया जाएगा। कोई शुल्क नहीं देगा तो उसका कूड़ा नहीं उठाया जाएगा। पालिका की आय बढ़ाने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है।
कूड़ा निस्तारण के लिए नहीं है भूमि
बागपत। पालिका के पास कूड़ा निस्तारण के लिए भूमि नहीं है। इधर-उधर कूड़ा डाला जाता है। दावा यह भी है कि जो गीला कूड़ा इकट्ठा होता है उसको मेरठ और गाजियाबाद भिजवाया जाता है, जहां इसकी जैविक खाद बनती है। सूखे कूडे़ को शहर में ही निस्तारण कर दिया जाता है।
डिग्री कॉलेज करता है खुद कूड़ा निस्तारण
बागपत। ईओ ललित कुमार ने बताया कि शहर के सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज से हर रोज 70 किलो कूडा निकलता है, जिसको वह खुद ही निस्तारित करते है। इतना ही कूड़ा एक स्कूल से निकल रहा है, उनके यहां भी कूड़ा निस्तारित कर दिया जाता है।