बड़ौत। कोरोना संक्रमण के बीच टायफाइड और वायरल भी लोगों के लिए परेशानी बन सकता है। हालांकि जिले में अधिकारिक तौर पर मलेरिया, डेंगू और टायफाइड के मरीजों की पुष्टि नहीं की जा रही है। ऐसे मरीजों को वायरल बताकर इलाज किया जा रहा है। सरकारी अस्पताल मेें भी प्रतिदिन पांच से छह टायफाइड के मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें खास बात यह है कि कोरोना और टाइफाइड के लक्षण एक ही है।
जनपद में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। यहीं कारण है कि अब तक 40 से अधिक संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। भय के कारण लोग कोरोना जांच कराने की दौड़ में हैं। दूषित पानी एवं खानपान में लापरवाही के कारण लोग टायफाइड की चपेट में आ रहे हैं। उधर सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार का कहना है कि प्रतिदिन पांच से छह मरीज सीएचसी पर टायफाइड के आ रहे हैं। बार बार मौसम में परिवर्तन के कारण भी टाइफाइड हो सकता है।