बागपत। ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए एनजीटी के आदेश पर जिले में रात 10 बजे के बाद हॉर्न, डीजे और तेज आवाज में ध्वनि यंत्र प्रतिबंधित किया। तेज आवाज में ध्वनि संयंत्र बजाने पर कार्रवाई होगी। अस्पताल के पास हॉर्न बजाने पर भी कार्रवाई होगी।
पर्यावरण संरक्षण के लिए एनजीटी की ओर से समय-समय पर कई प्रयास किए जा रहे हैं। ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए जिले में नियम 2000 लागू कराया। नियम के चलते रात के समय 10 बजे तक ही डीजे, ढोल, नगाड़े समेत अन्य संयंत्र प्रशासन की इजाजत और निर्धारित पैमाने पर ही बजाए जा सकेंगे।
डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने आदेश जारी किए हैं। ध्वनि मानकों को क्रियान्वित करने के नियम भी बताए हैं। जिले को औद्योगिक, वाणिज्यिक, आवासीय एवं शांत क्षेत्र में बांटा है। शादी समारोह या सामाजिक कार्यक्रम करने के लिए आयोजक को स्थानीय प्रशासन से कार्यक्रम करने की अनुमति लेनी होगी। रात के समय 10 बजे के बाद से सुबह छह बजे तक लाउड स्पीकर का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। दिन के लिए लिखित में अनुमति लेनी होगी। शांत क्षेत्र और परिक्षेत्र में ढोल, हार्न बजाना, संगीत गाना बजाना, प्रतिबंध किया है।
यह है शांत क्षेत्र का पैमाना
डीएम ने बताया कि शांत क्षेत्र में बागपत शहर, बड़ौत, खेकड़ा विकास प्राधिकरण, सभी निकाय, ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पताल, शैक्षिक संस्था, न्यायालय, धार्मिक स्थलों के चारों ओर 100 मीटर का क्षेत्र तय किया है। इन जगहों पर शांत क्षेत्र के बोर्ड लगेंगे। दिन में यहां पर 50 डेसीबल और रात में 40 डेसबील की सीमा निर्धारित की।
इन्हें माना गया आवासीय क्षेत्र
जिले भर में आवासीय क्षेत्र को इसके लिए तय किया। ग्रामीण क्षेत्र भी इसके लिए मान्य होगा। इसके लिए दिन में 55 डेसीबल और रात में 45 डेसीबल की ध्वनि सीमा निर्धारित की गई है।
वाणिज्य क्षेत्र भी किया निर्धारित
समस्त वाणिज्यिक क्षेत्र तथा जनपद के समस्त स्थानीय निकाय और ग्रामीण क्षेत्र के वाणिज्यिक क्षेत्र शामिल रहेंगे। इसके लिए दिन में 65 डेसीबल और रात में 55 डेसीबल की ध्वनि सीमा तय की गई है।
औद्योगिक क्षेत्र में 70 डेसीबल की सीमा
औद्योगिक क्षेत्र के लिए ध्वनि की सीमा दिन में 75 और रात के लिए 70 डेसीबल निर्धारित की। एसडीएम विवेक कुमार यादव का कहना है कि इससे लोगों को लाभ होगा और ध्वनि प्रदूषण से छुटकारा मिलेगा।
इस तरह काउंट होंगे दिन-रात
बागपत। दिन का समय सुबह छह बजे से रात के दस बजे तक और रात का समय दस बजे से सुबह छह बजे तक माना जाएगा।