बड़ौत। जनपद की करीब 10 लाख की आबादी पर एक भी एनेस्थीसिया विशेषज्ञ तैनात है। यहीं कारण है कि जनपद के छह ब्लाक की सीएचसी और पीएचसी पर कोई भी आपरेशन नहीं होता है। यहां के मरीजों को मेरठ, दिल्ली, गाजियाबाद समेत सोनीपत आदि जगहों पर दौड़ लगानी पड़ रही है।
जनपद में छह ब्लाक बड़ौत, बिनौली, छपरौली, पिलाना, खेकड़ा व बागपत है। इसके अलावा जनपद में दर्जनों प्राइवेट नर्सिंग होम संचालित होते हैं, जहां छोटे-बड़े आपरेशन किया जाता है, लेकिन सीएचसी व पीएचसी पर एनेस्थीसिया डाक्टर के अभाव में आपरेशन नहीं किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन छह ब्लाक में एक भी एनेस्थीसिया के डाक्टर नहीं हैं। ऐसी स्थिति में यदि इन सीएचसी व पीएचसी में कोई गंभीर रोगी ऑपरेशन के लिए आ गया तो उसे एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के अभाव में रेफर कर दिया जाता है। इससे वह प्राइवेट नर्सिंग होम में आपरेशन करवाने के लिए विवश होता है।
क्या है एनेस्थीसिया
ऑपरेशन के दौरान मरीज के शरीर के किसी भाग को सुन्न करने के लिए एनेस्थीसिया का प्रयोग किया जाता है।
ये बोले सीएचसी अधीक्षक
सीएचसी अधीक्षक बड़ौत डॉ. विजय कुमार और छपरौली सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजकमल ने बताया कि जनपद के इन छह ब्लाकों में एक भी एनेस्थीसिया विशेषज्ञ तैनात नहीं है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के अभाव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आपरेेशन नहीं हो पा रहा है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की डिमांड के लिए सीएमओ के माध्यम से शासन-प्रशासन को पत्रक भेजा गया है।