बागपत। जिले में 60 सहकारी व वेतन भोगी समितियों के 540 सदस्यों के पदों के लिए जमा हुए 770 नामांकन पत्रों में 19 नामांकन पत्र निरस्त हो गए है। इस तरह इन दावेदारों को बड़ा झटका लगा है। वह नाम वापसी की तारीख से पहले ही चुनावी मैदान से बाहर हो गए। इसके अलावा 351 सदस्य निर्विरोध चुन लिए गए हैं।
जिले में 36 प्राथमिक कृषक सेवा सहकारी ऋण समिति, दो मत्स्य पालन सहकारी समिति, 21 वेतन भोगी सहकारी समिति, एक रेशम सहकारी समिति संचालित है। इन समितियों में 78 हजार 569 मतदाता पंजीकृत है। सहकारी समितियों के सदस्यों के चुनाव के लिए मंगलवार को सभी समितियों पर नामांकन पत्र जमा किए गए। कृषक सेवा सहकारी समितियों व वेतनभोगी समितियों पर 770 नामांकन पत्र जमा किए गए थे। जिसमें 180 पदों पर दो से अधिक नामांकन पत्र जमा किए गए। जबकि 350 पदों पर एक-एक नामांकन पत्र जमा किया गया था। जबकि दस पदों पर नामांकन नहीं किया गया। बुधवार को सभी समितियों पर जमा किए गए नामांकन पत्रों की जांच कराई गई। जिसमें कृषक सेवा सहकारी समितियों पर जमा किए गए 18 व वेतनभोगी समितियों पर एक नामांकन निरस्त किए गए। जिला सहायक सहकारी निर्वाचन अधिकारी मोहसीन जमील ने बताया कि जांच में 19 नामांकन पत्र निरस्त किए गए हैं। बृहस्पतिवार को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और 18 मार्च को मतदान कराकर उसी दिन परिणाम भी घोषित किया जाएगा।
नाम वापसी कराने के लिए की मान मनौव्वल
नामांकन पत्र वापसी के लिए दावेदारों की हुई मान मनोव्वल कृषक सहकारी समितियों के चुनाव में सभी राजनीतिक दलों के दावेदार मैदान में है तो बृहस्पतिवार को होने वाली नाम वापसी के लिए बुधवार को दावेदारों का मान मनौव्वल भी हुई। प्रतिद्वंदी दावेदारों ने नामांकन वापसी के लिए खूब प्रयास किए। देर रात तक रूठों को मनाने का दौर चलता रहा।