संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। भड़ल गांव के चमड़ा व्यापारी के बेटे आर्यन उर्फ कृष का अपहरण कर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने और हत्या के मुकदमे में न्यायालय ने बाबू भड़ल समेत चार आरोपियों को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। इस मुकदमे में एक आरोपी के नाबालिग होने के कारण सुनवाई अलग चल रही है।
अधिवक्ता जसवीर राणा ने बताया कि भड़ल गांव के चमड़ा व्यापारी रविंद्र कुमार के बेटे आर्यन उर्फ कृश का अगस्त 2016 में कांवड़ शिविर से अपहरण कर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें कई दिन बाद मेरठ जनपद के डालुहेड़ा गांव के जंगल में आर्यन का शव बरामद किया गया था। हत्या के मुकदमे में पुलिस ने भड़ल गांव निवासी बाबू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसी मुकदमे में गाजियाबाद निवासी प्रवीण त्यागी, अनुराग वर्मा, संजय सैनी को घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल सिम को गलत कागजों पर बेचने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट न्यायालय में हुई। न्यायालय ने सुनवाई के बाद बाबू भड़ल समेत चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।