खेकड़ा। नगर निवासी सरस्वती संगीत कला मंदिर के संस्थापक पंडित रमेश चंद सूरदास का शुक्रवार को होली पर्व पर निधन हो गया। वे करीब 83 वर्ष के थे। उनसे शिक्षित सैकड़ों संगीत छात्र-छात्राएं देश के विभिन्न संस्थानों में कार्यरत हैं। उनके निधन से नगर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
मोहल्ला रामपुर निवासी जन्मे नेत्रहीन रमेश चंद शर्मा सूरदास संगीत शिक्षक थे। करीब 30 वर्षों से प्रयागराज संगीत संस्थान से मान्यता प्राप्त सरस्वती संगीत कला मंदिर नाम से शिक्षण संस्थान संचालित कर रहे थे। इसमें गायन, वादन, नृत्य आदि के छात्र देशभर में शिक्षण संस्थानों से लेकर ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन आदि में कार्यरत हैं। जन्मजात नेत्रहीन पंडित रमेश चंद शर्मा सूरदास ने दिल्ली के गंधर्व विश्वविद्यालय से संगीत कला की उपाधि ली थी। उनके उत्तराधिकारी राकेश मलिक ने बताया कि उन्होंने अपना जीवन नगर में ही बिताया। उन्हें विभिन्न सम्मान से नवाजा गया है।