मोहन नगर कालोनी में निरीक्षण करते ईओ व पालिकाकर्मी
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बड़ौत। अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित खबर ‘यहां के हालात तो गांव से भी ज्यादा खराब’ से नगरपालिका प्रशासन में अफरातफरी मच गई। सोमवार को नगरपालिका की टीम मोहन नगर कॉलोनी की ओर दौड़ पड़ी। टीम में ईओ व सफाई निरीक्षक के आने की सूचना पर लोग भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कॉलोनी में फैली अव्यवस्था पर जमकर सवाल उठाए।
मोहन नगर कॉलोनी के लोग पिछले दो दशक से गंदगी, जलभराव सहित टूटे-फूटे रास्तों की समस्या से जूझ रहे हैं। कॉलोनी का मुख्य रास्ता ही टूटा पड़ा है। अमर उजाला ने लोगों की समस्या को पांच दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो सोमवार को ईओ अनुज कौशिक, सफाई निरीक्षक सुशील कुमार शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो खुद समस्या को देख उन्हें भी शर्म आ गई।
ईओ व सफाई निरीक्षक के आने की सूचना पर पहुंचे लोगों ने उनके सामने तमाम समस्याएं गिनाईं। कहा कि पिछले पांच साल में कॉलोनी में कोई विकास कार्य नहीं हुआ। कॉलोनी में नियमित साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है, जिस कारण कॉलोनी में लंबी-लंबी घास खड़ी है। जलभराव के चलते संक्रमण रोग फैलने का खतरा है। पथ प्रकाश की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ईओ अनुज कौशिक ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही कालोनी में विकास कार्य शुरू कराए जाएगा।