चांदीनगर। घिटौरा गांव में मजदूर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि घर की माली हालत खराब होने और काम नहीं मिलने के कारण उसने यह कदम उठाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है।
बिहार के गांव गंगापुर टोले निवासी शंकर रजत अपने परिवार के साथ घिटौरा गांव में पिछले दस वर्षों से रहता था। वह मजदूरी कर बच्चों का पालन पोषण कर रहा था। बृहस्पतिवार रात उसनेे मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह परिवार के लोग उठे तो उनको घटना का पता चला। मौके पर काफी लोग इकट्ठे हो गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। मृतक की पत्नी प्रमिला का कहना है कि पिछले कई दिनों से उसके पति को मजदूरी नहीं मिल रही थी। घर पर खाने के लिए दो जून की रोटी तक की दिक्कत हो रही है। इससे उनके पति टेंशन में चल रहे थे। बेबस होकर ही पति ने अपनी जान दी है। उधर, शंकर रजत के चार लड़के है। दो लड़के बच्चन, मुनदन उसके साथ रहते है। बेटा कुंदन बिहार तथा चंदन मुंबई में रहते है। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।