बागपत। कलक्ट्रेट के पास बहुउद्देश्यीय क्रीड़ा हॉल व खेकड़ा के स्टेडियम की दुर्दशा को देखकर डॉ. राजकुमार सांगवान भड़क गए। उनके सामने खिलाड़ियों ने पीड़ा बताते हुए कहा कि खेल अधिकारी शौचालय बंद रखतीं हैं और उनको वहां जाने नहीं देतीं। लाइट नहीं जलाने देने, पेयजल, पंखे व चेंजिंग रूम की व्यवस्था तक नहीं कराने का आरोप लगाया। सांसद ने कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा और लोकसभा में भी उठाया जाएगा।
क्रीड़ा हॉल का निरीक्षण करने पहुंचे सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान के सामने कबड्डी व बॉक्सिंग के खिलाड़ियों ने अपनी पीड़ा रखी। खिलाड़ियों ने कहा कि यहां अभ्यास करने का मन नहीं करता है। जब अंदर घुसते है तो दुर्गंध आती है, लेकिन उन्हें मजबूरी में यहां अभ्यास करना पड़ता है। जब लाइट जलाते हैं तो बिल अधिक आने की बात कहकर खेल अधिकारी उन लाइटों को बंद करा देतीं हैं। यहां पंखे तक नहीं हैं, उन्हें गर्मी में ही अभ्यास करना पड़ता है। गंदगी का अंबार लगा है और फर्स तक टूटा पड़ा है। शौचालय तक खंडहर पड़े हैं और एक शौचालय ठीक है तो उसमें उनको जाने नहीं दिया जाता है।
जब वह पीने के पानी के लिए सबमर्सिबल चलाने के कहते है तो हैंडपंप से पानी भरकर लाने की बात कहकर भेज दिया जाता है। कबड्डी का अभ्यास करते समय उन्हें चोट लगने का खतरा रहता है, क्योंकि टूटे फर्स में पैर फंसने का खतरा रहता है। बॉक्सिंग खिलाड़ी सुहेल, निखिल, दुष्यंत ने कहा कि उनके लिए यहां रिंग तक की व्यवस्था नहीं है और खुद ही थोड़ी व्यवस्था कर रखी है, ताकि बॉक्सिंग का अभ्यास हो सके।
अंधेरा होने के कारण बॉक्सिंग प्रैक्टिस बैग को बाहर टांगना पड़ता है। क्रीड़ा अधिकारी भी समस्या को नजरअंदाज करतीं हैं और जब कहते हैं तो उनकी बात को अनसुना कर देती हैं। इससे खिलाड़ियों को काफी परेशानी हो रही है।
- सांसद बोले, अफसर ही प्रधानमंत्री के सपने में रोड़ा
सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि बागपत व खेकड़ा स्टेडियम की दुर्दशा देखकर ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का खेलो इंडिया का सपना बागपत में पूरा होने में अफसर ही सबसे बड़े रोड़ा हैं। सभी अधिकारियों के आवास क्रीड़ा हॉल के बराबर में होने के बाद भी हालत इतनी खराब है। क्रीड़ा हॉल को देखकर ऐसा लगा कि यहां सिर्फ दीवार खड़ी है। हॉल को गोदाम बनाकर रख दिया है। इस तरह बागपत के बच्चों का भविष्य खतरे में है। एक बार भी खेल स्टेडियम के लिए शासन को पत्र तक नहीं लिखा गया।
- लकड़ी से बनाया वेट लिफ्टिंग का सामान
क्रीड़ा हॉल में वेट लिफ्टिंग तक का सामान नहीं है। खेल अधिकारी सरिता रानी ने वेट लिफ्टिंग का अभ्यास कराने के लिए लकड़ी से वेट लिफ्टिंग का सामान बना रखा है, जिसे देखकर सांसद भड़क गए। उन्होंने कहा कि यह तो युवाओं के सपने के साथ क्रीड़ा अधिकारी मजाक कर रहीं हैं। खुद वेट लिफ्टिंग खिलाड़ी होने के बावजूद शासन से सामान की व्यवस्था तक नहीं करा सकीं हैं।
- तरणताल पर लगा ताला, सांसद बाहर खड़े रहे
क्रीड़ा हॉल स्थित तरणताल का निरीक्षण करने जब सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान पहुंचे तो वहां ताला लगा हुआ था। इससे उन्हें बाहर खड़ा होकर इंतजार करना पड़ा। काफी देर बाद कर्मचारी चाबी लेकर पहुंचा और तरणताल की दुर्दशा देखकर सांसद ने नाराजगी जताई।
- चौधरी जयंत को देंगे पूरी रिपोर्ट
सांसद ने कहा कि दो दिन पहले केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह ने बुलाकर खेल पर ध्यान देने के लिए कहा था। चौधरी जयंत सिंह अपनी निधि खेल पर खर्च कर रहे हैं। निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट मंत्री को दी जाएगी।