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त्याग की मूरत होती है मां

Mon, 09 May 2016 01:00 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
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बड़ौत में मदर्स-डे पर आयोजित गोष्ठी में शामिल महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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बड़ौत। गुराना रोड पर शिव कॉलोनी में रविवार को राष्ट्रीय वाचरपति परोपकारिणी परिषद के मदर्स-डे धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर यज्ञ का भी आयोजन किया गया।
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 परिषदीय राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य धनकुमार शास्त्री ने माता के रिश्ते की विशेषताएं बताते हुए कहा कि मा संसार में अनुपम है। दुनिया की सारी चीज इससे छोटी है। इसलिए किसी से भी उपमा नहीं दी जा सके। माता त्याग और तपश की मूर्ति है। बच्चे का प्रथम गुरू मां है। कहा कि जिस प्रकार धरती अनेकों गंदगी के बदले फूल और औषधियां देकर हमारा कल्याण करती है, उसी तरह माता संतान द्वारा किए गए मान-अपमान के बदले अपने आंचल की छांव मेें मानसिक क्लेशों को शांत करती है।

इस अवसर पर यज्ञ आयोजित किया गया। आशीष पंवार, प्रियंका देवी, जितेंद्र तोमर, संगीता यज्ञमान रहे। इस अवसर पर सरला जैन, मुनेश तोमर, गीता शर्मा, मीनाक्षी, सुनीता पंवार, सरला को शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। स्वर्णकार समाज बड़ौत के            अध्यक्ष धनप्रकाश वर्मा, इरफान, जयपाल, डागर दरोगा, कृष्णपाल, पवन जैन, प्रवीण, उमेश, शिवकुमार, राजीव, चंद प्रकाश, सुभाष, वीर सैन, धर्मपाल, गीता गर्ग, कविता, सविता, भान सिंह शामिल रहे। 
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उधर, अग्रौता विकास ट्रस्ट समाज कल्याण सम्मेलन के कार्यकर्ताओं ने भी मदर्स-डे धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर निर्मल मित्तल, स्नेह, सरला जैन, मधु गुप्ता, अरुण, गीता, सुनीता, अशोक, रानी, उषा, इंदू, रिया, शशि शामिल रहे।
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