बागपत। पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान कई जगह बागपत के रहने वाले सॉल्वर पकड़े गए, वहीं अभ्यर्थियों के साथ यहां ठगी भी खूब की गई। यहां करीब 50 से ज्यादा अभ्यर्थियों के साथ ठगी का मामला अभी तक सामने आया है। जिन चार युवकों को फर्जी प्रश्न पत्र बेचते हुए पकड़ा गया है, वे करीब तीस अभ्यर्थियों से ठगी कर चुके हैं जबकि अन्य को पास कराने का झांसा देकर ठगी की गई। इस तरह की शिकायत एसपी के पास पहुंची हैं।
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पाली गांव के पास पुलिस ने रविवार शाम को चार संदिग्ध युवकों को पकड़ा था। उनके पास से कई फर्जी पेपर, फर्जी मार्कशीट, एडमिट कार्ड, मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद हुए थे। उन सभी ने अपने नाम मोनू उर्फ मनीष निवासी कुर्डी, राजन नवासी हिलवाड़ी, राजेश गौतम निवासी जौनपुर, कार्तिक निवासी गोकलपुरी दिल्ली बताया। वह अभ्यर्थियों को फर्जी पेपर बेचकर ठगी कर रहे थे तो अभ्यर्थियों से तीन लाख रुपये की मांग कर दूसरे को बैठाकर परीक्षा कराने का झांसा भी दे रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी तीस अभ्यर्थियों से ठगी कर चुके हैं। किसी को दस हजार तो किसी को 15-20 हजार में फर्जी प्रश्नपत्र बेच दिया। इसके अलावा काफी अभ्यर्थी परीक्षा में पास कराने के नाम पर ठगी के शिकार हुए। उनसे पैसे लेने वाले अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं। इस तरह की शिकायत पुलिस के पास पहुंचनी शुरू हो गई है। एसपी के पास फोन पर भी इस तरह की कई शिकायत आई, जिनको लिखित में शिकायत करने के लिए कहा गया है। जिससे जांच कराकर कार्रवाई की जा सके।
सॉल्वर गिरोह के सदस्यों को दिए रुपये
बागपत के रहने वाले कई युवक गाजियाबाद के लोनी व मुजफ्फरनगर में सॉल्वर गिरोह के साथ पकड़े गए है। यह बताया जा रहा है कि जिले के कुछ अभ्यर्थी उनके भी संपर्क में थे और उनसे भी रुपये लिए गए हैं। हालांकि इस मामले में अभी तक उन अभ्यर्थियों की तरफ से शिकायत नहीं दी गई है।
फर्जी प्रश्न पत्र बेचने वाले गिरोह के चारों युवकों ने काफी अभ्यर्थियों के साथ ठगी की। वह खुद ही दस-पंद्रह को प्रश्न पत्र देने की बात बता रहे हैं। लेकिन कुछ फोन भी आए है जो ठगी का शिकार होने की बात कह रहे हैं। इसकी जांच कराई जा रही है। - अर्पित विजयवर्गीय, एसपी