सिसाना गांव में चौपाल पर लोग एकत्र हुए और चुनावी मुद्दों पर चर्चा की। लोगों ने कहा चुनाव आए तो गांव और गांववालों की याद आ जाती है, लेकिन बाद में गांव की ओर देखना भी पसंद नहीं करते है। प्रतिनिधि ऐसा हो जो एक आवाज पर लोगों के बीच पहुंचे।
दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे पर स्थित सिसाना गांव के लोग राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से आहत हैं। चुनावी वायदों को किसी ने पूरा नहीं किया है। शुक्रवार को चौहानों की चौपाल पर गांव ने राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशियों के बारे में चर्चा की। लोगों ने कहा गांव हाईवे पर होने के बाद भी विकास से कोसो दूर है।
जिला बनने के बाद जमीनों के रेट तो बढ़े है, लेकिन विकास होता नजर नहीं आया है। कलक्ट्रेट में सिसाना के लोगों की सस्ते दरों पर जमीन ले ली गई। अब किसान परेशान है। फसलों के दाम नहीं मिल पा रहे हैं। हाईवे का निर्माण नहीं हुआ है।
गांव के लीलू, अशोक चौहान, बिंदर ने कहा प्रत्याशी ऐसा हो जो एक आवाज पर लोगों के बीच पहुंचे। समस्याओं का समाधान कराने में हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर चले। अपने बीच रहने वाले प्रतिनिधि का ही सहयोग किया जाएगा। रामपाल शर्मा, महेश प्रधान, श्याम सिंह ने कहा किसानों की समस्या और क्षेत्र का विकास करने वाली पार्टी के प्रत्याशी को ही मतदान करेंगे। बाहरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रत्याशी की कुंडली देखकर देंगे वोट ःवेदपाल चौहान ने कहा सिसाना गांव को राजनीतिक पार्टियों ने उपेक्षित रखा है। वोट मांगने आते हैं, लेकिन विकास कोई नहीं करता है। इस बार प्रत्याशी की कुंडली को देखकर वोट देंगे।
चंद्रभान सिंह कहते है विधायक किसी भी दल का बने, उसे हर गांव में विकास कराए। छोटी से छोटी समस्याओं का प्राथमिक से निस्तारण कराए। झूठे वायदे करने वालों को वोट नहीं करेंगे।
राकेश चौहान ने कहा किसानों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, केवल समस्याओं के समाधान कराने के लिए ध्यान होना चाहिए। प्रतिनिधि का कर्तव्य सभी समाज के लोगों को साथ लेकर चलना है। चुनाव के दौरान झूठी घोषणा करने वालों प्रत्याशी से सावधान रहने की जरूरत है।