बागपत। प्रधानमंत्री आवास योजना में डूडा में फर्जीवाड़ा कर सरकारी रुपये की बंदरबाट हो रही है। पहले प्लॉट के कागज बिना ही नगर पालिका में संपत्ति कर की रसीद जारी हो रही है और उस रसीद के सहारे ही आवास योजना का लाभ दिलाकर रुपये लुटाए जा रहे हैं। अब शिकायत होने पर जांच में इसका खुलासा हुआ तो किस्त रोक दी गई।
बागपत में कश्यप कालोनी के पास जमीन में प्लॉट बताकर कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन कर दिया। इसके लिए आवेदन केवल नगर पालिका की संपत्ति कर की रसीद लगाई गई और प्लॉट से संबंधित कोई बैनामा या अन्य कागज नहीं लगाया गया। इसके बाद भी डूडा के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका आवेदन मंजूर करके पहली किस्त जारी कर दी। जब वे प्लॉट का निर्माण करने के लिए पहुंचे तो वहां अन्य कई लोगों ने जमीन को अपनी बताकर विरोध जताया।
विवाद होने के बाद सुधारस चौहान समेत अन्य ने डीएम के पास शिकायत की तो उसकी जांच कराई गई। लेखपाल विनोद शर्मा और नोएडा से आए डूडा के अवर अभियंता अरुण सिंह ने मामले की जांच की। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि जिनके नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किस्त जारी की गई है, उनमें पिता-पुत्र भी शामिल हैं। उनके पास प्लॉट के कागज नहीं है। उनके पास केवल नगर पालिका से जारी संपत्ति कर की रसीद है। रसीद पर साफ लिखा हुआ है कि उसके आधार पर किसी को जमीन का मालिक नहीं माना जाएगा। इस मामले में नगर पालिका के कर्मचारी भी जांच के दायरे में आ गए है।
डूडा में पहले भी जमींदारों व यमुना खादर में लाभ देकर हुआ घोटाला
डूडा में 2021 में करोड़ों की जमीन के मालिकों और पहले से कई मंजिल मकानों के मालिकों को लाभ दिया गया तो यमुना खादर में भी मकान बनवाकर बड़ा घोटाला किया गया था। जांच में इसका खुलासा होने के बाद कई लोगों से रिकवरी भी हुई।
किसी को प्लॉट के कागजों के बिना प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया है। उसमें पूरी जांच कराकर दिखवाया जाएगा कि किसने ऐसा किया है। क्योंकि लाभ के लिए सभी कागज होने जरूरी है। इसमें जिस स्तर पर गड़बड़ी मिलती है, उसपर कार्रवाई होगी। - पंकज वर्मा, एडीएम