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छठे दिन भी धरने पर डटे रहे मिल कर्मचारी

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मलकपुर चीनी मिल में धरना प्रदर्शन करते मिल कर्मचारी - फोटो : BARAUT
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बड़ौत। मलकपुर चीनी मिल में कर्मचारियों का धरना छठे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। मिल प्रबंधन से वार्ता न होने से कर्मचारियों में आक्रोश है। वहीं, दूसरी ओर जल्द ही चीनी मिल का पेराई सत्र भी शुरू होने जा रहा है। इसके बावजूद तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।
चीनी मिल कर्मचारी यूनियन के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी थी। यह मंगलवार को छठे दिन भी जारी रही। इस बीच यूनियन के चार सदस्यों को मिल प्रबंधन द्वारा हटा दिया गया। उननकी बहाली अभी तक नहीं हो पाई है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि मलकपुर चीनी मिल में कर्मचारी यूनियन द्वारा दो जनवरी 2022 को कर्मचारियों ने हड़ताल की थी।
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विभिन्न मांगों को लेकर की गई हड़ताल के बीच अपर जिलाधिकारी की मौजूदगी में कर्मचारियों और मिल प्रबंधन के बीच समझौता हुआ। इसके बाद हड़ताल समाप्त हो गई थी। वहीं, बृहस्पतिवार को फिर से मिल कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों का आरोप था कि जो समझौता हुआ था, उसके तहत एक भी मांग को स्वीकार नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना था कि 30 अगस्त को आश्वासन दिया था कि अगस्त का वेतन, वेतन वृद्धि एरियर के साथ दिया जाएगा। मिल प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया।
इतना ही नहीं तानाशाही रवैया अपनाते हुए पांच से 10 साल पुराने लगभग 50-60 कर्मचारियों को ठेकेदारी के तहत डाल दिया। यह श्रम कानून का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त मिल प्रबंधन ने कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की बात कही गई थी। ऐसा अभी तक नहीं किया गया है। आरोप लगाया कि मिल अफसरों ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए सभी कर्मचारियों को मिल से बाहर निकाल दिया। अब कर्मचारी मिल गेट पर धरना दे रहे हैं।
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वहीं, मिल प्रबंधन व कर्मचारियों के बीच चली आ रही तनातनी के कारण पेराई सत्र भी प्रभावित हो सकता है। धरने पर जाने वाले कर्मचारियों में यूनियन अध्यक्ष नटवर सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, रवींद्र कुमार, मोहन कुमार, हरिमोहन, बलराम, सूरजबली आदि 400 कर्मचारी मौजूद रहे। उधर, मलकपुर चीनी मिल के अध्यासी विपिन चौधरी का कहना था कि कर्मचारियों की जायज मांग पूरी की जाएगी, अनावश्यक दबाव नहीं झेला जाएगा।
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