बिनौली। जिवाना गुलियान के नीलकंठ आश्रम में महागुरुदेव अवतरण महोत्सव (प्रकाश पर्व) के उपलक्ष्य में चल रहे पांच दिवसीय यजुर्वेद पारायण महायज्ञ के तीसरे दिन सिद्धगुरु महाराज ने कहा कि यज्ञ करने से मानसिक शांति मिलती है। माता-पिता और समाज के दीन दुखियों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है। ये तभी संभव है, जब मनुष्य सद्गुरु के सानिध्य में रहकर परमात्मा की नित्य सच्चे मन से भक्ति स्तुति करें। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य अमित शास्त्री ने कहा कि यज्ञ करने से वायु, जल और पर्यावरण की शुद्धि होती है। आचार्य चंद्रमणि, अंकुर भारद्वाज ने ईश भक्ति से ओतप्रोत भजन प्रस्तुत किए। सस्वर वेदपाठ किया। मलकपुर शुगर मिल के यूनिट हेड विपिन चौधरी सपत्नीक यज्ञमान रहे। यज्ञ में हेमंत देसाई, प्रदीप मिश्रा, निरंजन सिंह, योगेंद्र धामा, अशोक शर्मा, मोनू तोमर, राजीव धामा, अनिल सोलंकी, विनोद सोलंकी, राजेंद्र सिंह, सुरेश आदि श्रद्धालुओं ने आहुतियां दी।