सेहत पर खतरे की जताई आशंका
आदिल का कहना है कि यदि समय रहते पैकेट के अंदर मौजूद छिपकली दिखाई नहीं देती तो बच्चे उसे खा सकते थे, जिससे उनकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था। उन्होंने संबंधित कंपनी और खाद्य सुरक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों में नाराजगी
घटना की जानकारी फैलने के बाद ग्रामीणों में भी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की पैकिंग और गुणवत्ता की नियमित जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि इस प्रकार की लापरवाही उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
जांच की मांग तेज
ग्रामीणों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से पैकेट की जांच कराने और संबंधित उत्पाद की गुणवत्ता की पड़ताल करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।