बागपत में रमाला क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2014 में घर में घुसकर नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश करने वाले आरोपी को न्यायालय ने पांच साल की सजा सुनाई। उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया, जिसे जमा नहीं करने पर दो माह की सजा बढ़ाने के आदेश दिए गए।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र पंवार, भूपेंद्र शर्मा व नरेश वेदवान ने बताया कि जून 2014 में रमाला क्षेत्र के एक गांव की विधवा महिला ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म की कोशिश, मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गांव के ही ओमवीर व दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें पुलिस ने नामजद आरोपी ओमबीर सिंह के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के न्यायालय में हुई। जिसमें अभियोजन पक्ष की तरफ से छह गवाह पेश किए गए। बृहस्पतिवार को सुनवाई में दोष सिद्ध होने के बाद ओमबीर सिंह को न्यायाधीश शैलजा राठी ने पांच साल की सजा सुनाई।