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किसानों के 236 करोड़ दबाए बैठी है मलकपुर मिल

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मलकपुर शुगर मिल - फोटो : BAGHPAT
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किसान परेशान, मजबूरी में डाल रहे गन्ना
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मलकपुर मिल जिले के किसानों के 236 करोड़ रुपये दबाए बैठी है। मिल के अध्यासी और वित्त अधिकारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के बाद भी किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मिल किसानों का समय पर इंडेंट भी जारी नहीं कर रही है। किसान मिल पर मजबूरी में गन्ना डाल रहे हैं।
मलकपुर शुगर मिल पर 40175 किसान गन्ना डालते हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में किसानों ने मिल पर 478 करोड़ 26 लाख 76 हजार रुपये के 148.84 लाख क्विंटल गन्ने की सप्लाई की थी। इसमें से मिल ने 241 करोड़ 70 लाख 18 हजार रुपये के बकाए का भुगतान किया है, जबकि मिल पर अब भी किसानों का 236 करोड़ 56 लाख 58 हजार रुपये बकाया हैं।
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आर्थिक संकट से जूझ रहा किसान
मिल की ओर से कम इंडेंट जारी किया जा रहा है। पर्ची समय से नहीं आने से खेतों में गन्ना खड़ा है। गेहूं की बुआई प्रभावित होने की आशंका है। भुगतान न होने से किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।-उपेंद्र फौजी, छपरौली
-इंडेट कम जारी होने से गन्ने की छिलाई नहीं हो पा रही है, किसानों की फसल खेतों में खड़ी है। उन्हें स्कूल फीस, शादी विवाह के लिए ब्याज पर रुपये लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। -धर्मवीर सिंह छपरौली
-बकाये का समय से भुगतान नहीं होने के कारण किसान कर्ज में डूब रहा है। अन्य कोई विकल्प मौजूद नहीं होने के कारण किसानों को मिल पर मजबूरन गन्ना डालना पड़ रहा है। - तेजपाल सिनौली
- जिले का किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है और महाजन से ब्याज पर कर्ज लेने को मजबूर है। गन्ने की छिलाई न होने के कारण किसानों के सामने पशुओं के लिए चारे का भी संकट उत्पन्न हो गया है। -नरेंद्र सिनौली
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मिल पर भुगतान का बना रहे दबाव
चीनी मिल पर बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पांच दिसंबर को मिल के अध्यासी व मुख्य वित्त अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।-डॉ अनिल कुमार भारती, जिला गन्ना अधिकारी
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