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पालकी से आएंगी मां भ्ागवती

Thu, 21 Sep 2017 01:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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बागपत में नवरात्र के लिए बाजार में खरीदारी करतीं श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आज से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इस बार मां भगवती का आगमन पालकी से होगा जो शुभ संकेत है। नौ दिन सुख समृद्धि के होंगे। बृहस्पतिवार के दिन हस्त नक्षत्र में घट स्थापना के साथ शक्ति उपासना का पर्व काल शुरू होगा। घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:02 बजे से 08:11 मिनट तक है।  
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बृहस्पतिवार से घरों में माता की चौकी की स्थापना होगी। नौ दिन से माता का गुणगान घरों से लेकर मंदिरों में होगा। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमदत्त शास्त्री ने बताया  इस बार मां भगवती का आगमन पालकी से होने के कारण शुभ है। सभी नौ दिन सुख समृद्धि के होंगे। माता का आगमन और गमन हर प्रकार से समृद्धि और सिद्धि देने वाला है। 

देवी की पूजा का पर्व शुरू हो तो यह देवी कृपा और इष्ट साधना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। उन्होंने बताया  घट स्थापना का शुभ मुहूर्त 06:02 बजे से 08:11 मिनट तक है। जो भक्त इस मुहूर्त में घट स्थापना नहीं कर पाए तो वह भक्त अभिजीत मुहूर्त में 11:36 से दोपहर 12:24 तक कर सकते है, क्योंकि मां भी भक्तों का बुरा नहीं करती है। कलश स्थापना अपने पूजा स्थल  के ईशान कोण में ही करें। ईशान कोण में हमारे सभी देवी देवता वास करते हैं।  
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कलश स्थापना की विधि ः ज्योतिषाचार्य पंडित राज कुमार शास्त्री ने कलश स्थापना की विधि बताई। उन्होंने बताया जमीन में रेत डालकर जौ बोए, उसके ऊपर कलश रखे। कलश के अंदर रोली, चावल, सुपारी, चांदी का सिक्का रखे।

कलश के ऊपर सुराही रखे, इसमें साबुत चावल, ऊपर लाल कपड़े में लपेटकर नारियल रखे। माता रानी को चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर स्थापित करें। अखंड ज्योति कलश के पास प्रज्ज्वलित करें। भैरव को प्रसन्न करने के लिए तेज की ज्योति अग्नि कोण में जलाएं। नवरात्र के दिनों प्रतिदिन प्रात: एवं शाम (दोनों) समय लोंग और कपूर का भोग माता रानी को जरूर लगाएं। 

फलों से लेकर कुट्टू तक के दामों में उछाल
शारदीय नवरात्र की खरीददारी के लिए बाजार में चहल-पहल रही। पूजन सामग्री के अलावा महिलाओं ने व्रत के दौरान खाने-पीने की सामग्रियों की खरीददारी की। पूजन के लिए चुनरी और नारियल खरीदे । कुट्टे के आटे के रेट 80 से बढ़कर एक सौ रुपये किलो पहुंच गए। बृहस्पतिवार से पहला नवरात्र है। महिलाओं ने इसकी तैयारियां की। घरों में देवी दुर्गा के रूपों को विराजमान किया ।

देहात क्षेत्र में सांझी में दिनभर रंग भरे गए और इसके बाद इन रूपों को स्थापित किया। इस कार्य में महिलाओं ने उत्साह दिखाया। उधर, बाजारों भी मूर्तियों की खरीददारी भी की गई। व्रत की तैयारी की। पूजा के दौरान प्रयोग की जाने वाली माता की चुनरी से लेकर पूजा पाठ का सामान दुकानों से खरीदी गई। नवरात्र को देखकर मंदिरों को सजाया और माता का श्रृंगार किया। 

फलों पर भी महंगाई की मार 
नवरात्र में श्रद्धालुओं पर महंगाई की मार भी पड़ेगी। केले का दाम 50 रुपये प्रति दर्जन से बढ़कर 60 रुपये तक पहुंच गया। सेब का दाम एक सौ रुपये किलो है, लेकिन नवरात्र के चलते इसकी कीमत भी 120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कुट्टे के आटे का दाम भी बीस रुपये बढ़ गया है। नारियल का रेट 40 से 50 प्रति किलो, संतरा 80 से एक सौ रुपये, चीकू 60 से 80 रुपये पर पहुंच गया है। पपीता 40 से 60 और अमरूद 30 से 45 पर पहुंच गया है।

फलों से लेकर कुट्टू तक के दामों में उछाल
शारदीय नवरात्र की खरीददारी के लिए बाजार में चहल-पहल रही। पूजन सामग्री के अलावा महिलाओं ने व्रत के दौरान खाने-पीने की सामग्रियों की खरीददारी की। पूजन के लिए चुनरी और नारियल खरीदे । कुट्टे के आटे के रेट 80 से बढ़कर एक सौ रुपये किलो पहुंच गए।

बृहस्पतिवार से पहला नवरात्र है। महिलाओं ने इसकी तैयारियां की। घरों में देवी दुर्गा के रूपों को विराजमान किया । देहात क्षेत्र में सांझी में दिनभर रंग भरे गए और इसके बाद इन रूपों को स्थापित किया। इस कार्य में महिलाओं ने उत्साह दिखाया।

उधर, बाजारों भी मूर्तियों की खरीददारी भी की गई। व्रत की तैयारी की। पूजा के दौरान प्रयोग की जाने वाली माता की चुनरी से लेकर पूजा पाठ का सामान दुकानों से खरीदी गई। नवरात्र को देखकर मंदिरों को सजाया और माता का श्रृंगार किया। 
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