खेकड़ा (बागपत)। लखनऊ की सर्वे टीम भारी पुलिस बल के साथ सरकारी भूमि तलाशने के लिए सांकरौद गांव के यमुना खादर पहुंची। टीम ने सरकारी जमीन जमीन चिह्नित करने के बाद खंभे लगवाए। साथ ही खनन पट्टे का मौके पर ही सीमांकन भी करा दिया।
गांव सांकरौद यमुना खादर में रेत खनन पट्टा आवंटित है। मगर, सांकरौद गांव के किसान रेत लदे वाहनों के निकलने वाले रास्ते को अपना निजी रास्ता बताकर आवागमन नहीं होने दे रहे है। गत सप्ताह प्रशासन ने नए रास्ते के लिए सरकारी भूमि का सर्वे करने के लिए राजस्व टीम को भेजा था। मगर, किसानों के विरोध के चलते टीम बैरंग लौट गई थी। शुक्रवार को लखनऊ की सर्वे टीम भारी पुलिस बल के साथ खादर पहुंची। टीम ने सिजरे के आधार पर सरकारी भूमि का सीमांकन कर रेत खनन के वाहनों के लिए रास्ता निकलवा कर खंभे लगवा दिए। साथ ही टीम ने आवंटित खनन पट्टे का भी सीमांकन कर ठेकेदार को रेत खनन कराने के निर्देश दिए।
उपजिलाधिकारी अजय कुमार ने बताया कि सर्वे में सरकारी जमीन सांकरौद और सुभानपुर की सीमा पर मिली है। उस पर रास्ता निकलवाकर खंभे लगा दिए गए है। सर्वे टीम में लखनऊ के भू वैज्ञानिक राघवेंद्र सक्सेना, सर्वेयर देवेश कुमार, विकास प्रमार, बागपत जिला खनन अधिकारी हवलदार यादव, तहसीलदार आलोक प्रताप सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी विजय चौधरी आदि शामिल रहे।
एसडीएम की गाडी फंसी रेत मे
सर्वे टीम के साथ यमुना खादर में गए एसडीएम अजय कुमार की जीप रेत में फंस गई। पुलिस कर्मियों ने जीप को निकालने के तमाम प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में गांव से ट्रैक्टर मंगवाकर जीप को किलवाया गया।
यमुना खादर मे सरकारी भूमि की पैमाईश के लिए नक्शा देखती लखनऊ से आई राजस्व विभाग की टीम- फोटो : KAHKRA
सांकरौद यमुना खादर मे सरकारी भूमि के सर्वे के दौरान पीलर लगाती राजस्व टीम- फोटो : KAHKRA
सांकरौद यमुना खादर मे सरकारी भूमि की पैमाईश के दौरान मौजूद पुलिस बल- फोटो : KAHKRA