लाइव की खबर से संंबंधित फोटो:- समय 1.03 बजे बागपत के पाबला बेगमाबाद गांव के पंचायत सचिवालय में
बागपत। नए वित्त वर्ष की पहली ग्राम चौपाल की अफसरों की लापरवाही के कारण दुर्गति हो गई। यहां शुक्रवार को 12 गांवों में ग्राम चौपालों से जिला स्तरीय अधिकारियों ने दूरी बनाकर रखी, वहीं कर्मचारियों ने भी जन शिकायतों को सुनने की जरूरत नहीं समझी। कई पंचायत घरों पर ताले लटके थे तो कई गांवों में कर्मचारियों ने बैनर टांगने के बाद दो चार लोगों को बैठाकर फोटो खींचकर पोर्टल पर अपलोड कर चौपाल की इतिश्री कर दी। nड्यूटी लगाकर खुद ही नहीं पहुंचे डीडीओ : चौपाल की खानापूर्ति का इससे बड़ा नमूना क्या होगा कि डीडीओ अखिलेश चौबे ने बतौर प्रभारी सीडीओ जिला स्तरीय अधिकारियों की चौपालों में ड्यूटी लगाई। मगर, वह खुद अपने लिए आवंटित राजपुर-खामपुर की ग्राम चौपाल में फरियाद सुनने तक नहीं पहुंचे। nयहां लटके मिले ताले : जलालपुर गांव में शुक्रवार दोपहर में पंचायत घर पर ताला लटका मिला। यहां 10 बजे चौपाल शुरू कर फोटो खींचकर खानापूर्ति कर दी गई। जबकि ग्राम चौपाल दोपहर 12 से दो बजे तक होनी थी। बालैनी पंचायत घर पर भी ताला लटका मिला। पंचायत सचिव ने कहा कि उनपर कई गांवों का चार्ज है और इसलिए वह खिंदौड़ा गांव में मौजूद हैं। पिचौकरा के पंचायत घर पर भी ताला लटका था और ग्राम चौपाल कहीं नहीं होती मिली। पंचायत सचिव ने कहा कि वह शेखपुरा गांव में सफाई करवा रहे हैं। nयहां मिले अधिकारी : सुन्हैड़ा में ग्राम चौपाल पर खेकड़ा बीडीओ बाल गोविंद यादव ग्रामीणों की समस्या सुनते मिले। जलभराव, मच्छरों से मुक्ति दिलाने की ग्रामीणों ने मांग की। भागोट में एडीओ ने लोगों की समस्याएं सुनीं।