उत्तर प्रदेश के बागपत में करीब एक सप्ताह पूर्व बारिश के साथ आई आंधी में खेकड़ा नगर क्षेत्र के जंगल में बिजली के खंभे और तार टूट गए थे। इससे कई किसानों के नलकूप ठप होने के कारण फसलें सूखने लगी थी। तार जोड़ने के लिए लाइनमैन सुविधा शुल्क मांग रहा था। मंगलवार को ग्राम बंधपुर के किसानों ने फसलों को बचाने लिए जान जोखिम में डालकर स्वयं ही टूटे पड़े को जोड़कर नलकूप चालू किए। किसानों ने लाइनमैन के खिलाफ निगम अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की।
29 मई को बारिश के साथ आई आंधी में बिजली के खंभे टूट गए थे। इससे नगर के साथ ही बंदपुर फीडर, चमरावल फीडर, हसनपुर मसूरी फीडर के बड़ागांव, बसी, सुन्हैड़ा, बंदपुर, फखरपुर, सांकरौद, डूंडाहैड़ा, हसनपुर मसूरी, सुभानपुर आदि गांवों के किसानों के नलकूप ठप पड़ गए थे।
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किसानों ने विद्युत निगम के अधिकारियों को अवगत भी कराया, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे किसानों के खेतों में खड़ी गन्ना, चारा, सब्जी आदि की फसलें सूख रही थी। इस कारण किसान खासे परेशान बने हुए थे। किसानों ने खंभे और तार दुरुस्त कराने का इंतजार भी किया, लेकिन कोई नहीं आया।
आरोप है कि तार जोड़ने के लिए लाइनमैन ने सुविधा शुल्क मांगा। सुविधा शुल्क न देने पर तार ठीक नहीं किए। फसलें सूखती देख किसान सूरजपाल, महेश, कृष्णपाल, कालू, जयसिंह, सोदान सिंह, सुंदर सिंह आदि ने मंगलवार को खुद ही टूटे बिजली लाइन के तारों को दुरुस्त कर अपने नलकूप चालू किए। बताया कि अभी भी कई नलकूपों पर आपूर्ति चालू नही हुई है।
एसडीओ विद्युत संजय कुमार का कहना है कि बारिश के साथ आई आंधी में काफी नुकसान हुआ है। जगह जगह टूटी पड़ी विद्युत लाइनों को कर्मचारी चालू करने में जुटे है। कई फीडर चालू किए जा चुके है। टूटी बिजली लाइनो ंकी मरम्मत कराकर जल्दी ही आपूर्ति चालू करा दी जाएगी। किसानों द्वारा लगाए गए आरोप की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि लाइनमैन दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।