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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नगर के अजितनाथ सभागार में शनिवार को धर्मसभा में जैन संत विमर्श सागर महाराज ने कहा कि जीवन को सरल बनाना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में कभी परेशानी नहीं आएगी।
उन्होंने कहा कि जो जितना सरल, सहज, सीधा होता है, वही ऊंचाई पर भी जाता है। दुख को जो हंसते-हंसते बिता दे, वही साधु है। इस जन्म या पूर्व जन्म के कर्मों को तो झेलना ही पड़ेगा। यदि व्यक्ति अपने किए कर्मों का फल नहीं भुगतेगा तो उसकी आत्मा भारी बनी रहेगी। यही वजह है कि महापुुरुष अपने संकट से परेशान न होकर आराधना में लगे रहते हैं। साधक कभी भी अपनी शक्ति का प्रदर्शन नहीं करते। साधक को अपनी साधना में विश्वास है तो कोई संकट उन्हें डिगा नहीं सकता। जो महान आत्माएं होती हैं, उनके जीवन में भी संकट नहीं आता है। विकट समय में मानसिक संतुलन नहीं खोना चाहिए। इस मौके पर श्रेयांस जैन, मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, विवेक जैन, दिनेश जैन, अमित जैन आदि मौजूद रहे।