बागपत में बालैनी क्षेत्र के एक गांव में कुकर्म के बाद आठ साल के बच्चे की हत्या करने वाले को न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा बढ़ाई जाएगी।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र पंवार और नरेश वेदवान ने बताया कि दस दिसंबर 2016 को बालैनी थाने में एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उसका आठ वर्षीय बेटा नौ दिसंबर की रात में गांव में ही बज रहे डीजे को देखने के लिए गया था।
डीजे जाने के काफी देर बाद भी घर वापस नहीं पहुंचा। जिसके बाद उन्होंने बालक की तलाश की, लेकिन रातभर तलाशने के बाद भी नहीं मिला। अगले दिन उसके बेटे का शव एक खाली प्लाट में पड़ा मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें कुकर्म के बाद गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई।
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए गांव के ही बिरेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष पाॅक्सो के न्यायालय में हुई। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश संजीव कुमार ने 21 दिसंबर को बिरेंद्र को दोषी करार दिया। मंगलवार को न्यायाधीश ने बिरेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।