जिला पंचायत और विधानसभा चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन के तीन मामलों में बागपत के भाजपा विधायक योगेश धामा ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। एडीजे तृतीय शैलजा राठी ने उनकी जमानत मंजूर की। अगली सुनवाई के लिए दो मार्च की तिथि तय की गई है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता राहुल नेहरा ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान छह फरवरी 2017 को एसआई आनंद प्रकाश ने चांदीनगर थाने में भाजपा प्रत्याशी योगेश धामा, उनके समर्थक नीरज, जयपाल, सोहनवीर के खिलाफ धारा 188 और 123 लोक प्रतिनिधि अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया था। बिना अनुमति के ढिकौली में रोड शो निकालने का आरोप था। इसके अलावा जिला पंचायत चुनाव के दौरान 20 अक्तूबर 2015 को एसआई धर्मेंद्र सिंधू ने दोघट थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था।
तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष योगेश धामा पर अनुमति नहीं होने के बावजूद दाहा में सभा करने का आरोप लगाया गया था। तब योगेश धामा वार्ड एक से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रहे थे। प्रकरण में धारा 171/5 व 171झ आईपीसी में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा एक मुकदमा वर्ष 2002 में भी दर्ज हुआ था। तीनों प्रकरणों में धामा ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। एडीजे तृतीय शैलजा राठी ने 25-25 हजार के दो जमानती और पर्सनल बांड पर जमानत मंजूर कर ली है। प्रकरण में अगली सुनवाई दो मार्च को की जाएगी।
जिले में सुने जाएंगे जनप्रतिनिधियों के प्रकरण
जनप्रतिनिधियों पर दर्ज मुकदमों की फाइल पहले हाईकोर्ट भेज दी गई थी। यह फाइलें दोबारा जिले में ही वापस भेज दी गई है। एडीजे तृतीय शैलजा राठी की कोर्ट में इन प्रकरणों की सुनवाई होगी।