बड़ौत। दिगंबर जैन अतिथि भवन में विहर्ष सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में कलिकुंड पार्श्वनाथ विधान हुआ।
विधान में सौधर्म इंद्र राकेश जैन, कुबेर इंद्र सुनील जैन, मुख्य कलश पुष्पा जैन, पूर्व दिशा, पश्चिम दिशा और दक्षिण दिशा कलश क्रमश: संगीता जैन, निशा जैन, संगीता, वैशाली जैन ने सौभाग्य प्राप्त किया।
विधान में सर्वप्रथम भगवान पार्श्वनाथ का चित्र अनावरण स्वागत समिति के सदस्यों ने किया। ज्योति प्रज्ज्वलन मनोज जैन, अखंड ज्योति विपिन जैन ने की।
विधानाचार्य अरविंद जैन और डॉ. श्रेयासं जैन के नेतृत्व में विधिविधान से पूजन किया। सर्वप्रथम श्रीजी का अभिषेक किया। इसके बाद सौधर्म इंद्र और कुबेर इंद्र ने शांति धारा की और 1008 भगवान पार्श्वनाथ की विधि-विधान से पूजा की।
इस मौके पर विहर्ष सागर महाराज ने कहा आप बहुत पुण्यशाली और सौभाग्यशाली है। वे मनुष्य जो इस विधान में बैठे हैं। यह कलीकुंड विधान उन तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का विधान है। जिनके ऊपर कमथ ने घोर उपसर्ग किया। हमारे तीर्थंकर भगवान पार्श्व नाथ का यह विधान है।
महाराज ने कहा आज मानव के ऊपर जरा सी विपत्ति आ जाए तो वह घबराकर विचलित हो जाता है। अगर गलती से भी किसी को पत्थर लग जाए तो वह यह नहीं सोचता की हो सकता है कि पत्थर जानबूझकर नहीं गलती से लग गया होगा बल्कि वह लड़ने पर उतारू हो जाता है।
धर्मसभा और विधान का समापन डॉ. एसके जैन ने गुरू वंदना से किया। इसमें वकील चंद जैन, जगन्नाथ जैन, बिजेंद्र जैन, चेतन लाल जैन, अनिल जैन, अखिलेश जैन, बालकिशन जैन, पुष्पा जैन, नीतू जैन, रचना जैन, मोनिका जैन, संदीप जैन आदि रहे। मीडिया प्रभारी संदीप जैन ने बताया विहर्ष सागर महाराज के सानिध्य में नौ अगस्त को प्रात: 8 बजे पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याण का लड्डू चढ़ाया जाएगा।