गठबंधन की उठापटक के बीच एक बार फिर बागपत विधानसभा सीट पर उलटफेर हुआ है। सपा से टिकट कटा चुके डॉ. कुलदीप उज्ज्वल को कांग्रेस के सिंबल पर फिर से मैदान में उतारा जाएगा। ऐसे में सपा के उम्मीदवार राजपाल सिंह को मैदान से हटना पड़ेगा। उज्जवल के मैदान में आ जाने से बागपत सीट पर नए समीकरण बनेंगे।
हमेशा साइकिल पर सवार रहे कुलदीप उज्जवल के पास कांग्रेस की सदस्यता नहीं है, लेकिन सपा और कांग्रेस गठबंधन में जिस तरह पूरे प्रदेश में सिंबल को लेकर उलटफेर हुए हैं, उसी तरह बागपत सीट पर भी देखने को मिला।
असलियत में डॉ. कुलदीप उज्जवल सपा के सबसे पहले घोषित उम्मीदवारों में से एक थे, लेकिन पिछले सप्ताह जारी सूची में सपा ने उनकी जगह मेरठ के राजपाल सिंह को उम्मीदवार बना दिया। इसका विरोध भी हुआ था। यह भी तय था कि अगर कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन होता है तो बागपत सीट कांग्रेस के हिस्से में जाएगी। इसी उम्मीद के साथ कांग्रेस नेता इस सीट पर अपनी दावेदारी कर रहे थे, नामांकन की तैयारी भी थी। कई बार कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली से कॉल कर यहां के नेताओं को बुलाकर मंथन भी किया।
कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष रामकुमार चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिल देव त्यागी रविवार को दिनभर दिल्ली में रहे, लेकिन बागपत सीट कांग्रेस के हिस्से में आई जरूर, लेकिन यहां प्रत्याशी सपा का है। अब डॉ. कुलदीप उज्जवल कांग्रेस के सिंबल पर बागपत सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गए हैं।