बागपत के दाहा गांव में किसान चौधरी विरेंद्र सिंह की शुक्रवार की रात में गला रेत कर हत्या कर दी। शनिवार सुबह लहूलुहान हालत में शव पड़ा मिलने से सनसनी फैल गई। उनके सिर और चेहरे पर धारदार हथियार से वार किए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
दाहा गांव निवासी प्रवीन चौधरी ने बताया उनके पिता चौधरी विरेंद्र सिंह (60) रात को घेर में सोते थे। वह शुक्रवार देर शाम अपने पिता के साथ खेत में पानी चलाकर लौटा था। रात करीब साढ़े नौ बजे उनके पिता के घुटने में दर्द हो रहा था। उनको घेर में दवा देकर घर लौटा था। शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे पशुओं को चारा डालने घेर में गया तो पिता को आवाज लगाई, लेकिन वे नहीं बोले।
घेर की गैलरी की किसी तरह कुड़ी खोली तो पिता विरेंद्र सिंह का शव चारपाई से नीचे लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। सूचना पर परिजन और ग्रामीण इकट्ठा हो गए। पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। किसान की गर्दन, सिर और चेहरे पर धारदार हथियार से हमला किया है। किसान की गर्दन, नाक और सिर कटा मिला।
दोघट थाना प्रभारी चंद्रकांत पांडेय ने बताया विरेंद्र की धारदार हथियार से हत्या की गई है। मृतक के बेटे ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने किसी से रंजिश होने से इंकार किया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी। जल्द ही केस का खुलासा कर दिया जाएगा।
इमरजेंसी में जेल गए थे विरेंद्र
बागपत। परिजनों ने बताया देश में लगी इमरजेंसी के समय विरेंद्र सिंह ने संघर्ष किया था। उस समय उनको जेल जाना पड़ा था।
घटना से परिवार में कोहराम
बागपत। विरेंद्र सिंह के एक बेटा और दो बेटी हैं। तीनों बच्चे शादीशुदा है। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।