बागपत के ढ़िकौली गांव से रहस्यमय ढंग से लापता हुए सिपाही रविंद्र ढाका के नाटकीय ढंग से लौटने के मामले में पुलिस को अहम जानकारी मिली है। पुलिस का दावा है कि उसका अपहरण नहीं हुआ था। उसने पूरे प्लान के तहत अपहरण दर्शाकर घर वालों से ही रुपये वसूलने का ड्रामा किया था। इन रुपयों से वह स्विफ्ट डिजायर कार खरीदना चाहता था।
ढिकौली निवासी दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल रविंद्र ढाका सोमवार सुबह करीब दस बजे अपने मकान के पास से रहस्यमय ढंग से लापता हो गया था। उसके परिजनों से उसी के मोबाइल से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पता चलते ही पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी।
मंगलवार शाम वह नाटकीय ढंग से लौट आया था। पुलिस ने उससे पूछताछ की और सर्विलांस से उसकी लोकेशन का पता लगाया तो काफी भिन्नता मिली। इसके अलावा पुलिस को कई अहम जानकारी मिली। एसपी रवि शंकर छवि ने बताया कि जांच करने पर पता चला कि सिपाही रविंद्र ढाका का अपहरण नहीं हुआ था। उसने तो प्लान के तहत अपहरण का ड्रामा किया था। इसके लिए वह पिछले एक माह से तैयारी में लगा हुआ था।
दिल्ली के नरेला क्षेत्र से ही उसने सिम खरीदा था। वह स्विफ्ट डियाजर कार खरीदना चाहता था। प्लान के तहत वह लगातार दिल्ली के नांगलोई जा रहा था। अपहरण से पूर्व 17 और 18 फरवरी को भी नांगलोई गया था। अपहरण के बाद भी उसकी लोकेशन नांगलोई की ही मिली है। इसके अलावा जानकारी मिली है कि उसने बैंक से लोन भी ले रखा है। फिरौती मांगने वालों का पता लगाया जा रहा है। कई अहम जानकारी मिली है। जल्द ही केस का खुलासा कर दिया जाएगा।