बागपत में एक्सप्रेस-वे पर पलटा गैस टैंकर।
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चांदीनगर (बागपत)। कुडली गाजियाबाद पलवल एक्सप्रेस-वे से होते हुए मथुरा से पानीपत जा रहा प्रोपेलीन से भरा टैंकर अनियंत्रित होकर खेकड़ा के निकट पलट गया। टैंकर को ट्रक में लादते वक्त वह एक्सप्रेस-वे पर गिर गया, जिस कारण गैस का रिसाव शुरू हो गया। कर्मचारियों ने पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद दमकल विभाग की गाड़ी और इंजीनियर मौके पर पहुंचे। एक्सप्रेस-वे पर दोनों ओर वाहन रोक दिए गए। करीब चार घंटे बाद रिसाव कम हुआ। इसके बाद टैंकर को ट्रक में लादकर मौके से हटवाया गया और यातायात सुचारू कराया गया। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मथुरा निवासी ट्रक ड्राइवर विशाल ने बताया कि वह परिचालक राहुल के साथ गैस भरा टैंकर लेकर मथुरा से पानीपत के लिए चला था। कुंडली गाजियाबाद पलवल एक्सप्रेस-वे पर उसे नींद की झपकी आने के चलते खेकड़ा थाना क्षेत्र में सुबह चार बजे अनियंत्रित होकर टैंकर पलट गया। हेल्पलाइन पर सूचना दी गई। दोपहर करीब 12 बजे टैंकर को क्रेन से ट्रक में लादते हुए वह एक्सप्रेस-वे पर गिर गया, जिस कारण उसमें रिसाव शुरू हो गया। प्रोपेन गैस के रिसाव से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस को सूचना दी गई।
सीओ खेकड़ा वंदना शर्मा चांदीनगर और खेकड़ा पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। गैस से कोई हादसा न हो जाए, इस वजह से एक्सप्रेस-वे पर पर दोनों तरफ वाहन रुकवा दिए गए। करीब चार घंटे तक रिसाव होता रहा, हालांकि इससे किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। चार बजे टैंकर को ट्रक में लादकर यहां से रवाना किया गया और एक्सप्रेस-वे को वाहनों के लिए खोल दिया गया। खेकड़ा थाना प्रभारी रजनीश कुमार का कहना है कि किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। सुरक्षा की दृष्टि से वाहन रोके गए थे।
एक्सप्रेस-वे पर लगी वाहनों की कतार
चांदीनगर। एक्सप्रेस-वे पर जैसे ही गैस रिसाव के कारण वाहनों को रोका गया तो दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। गर्मी के चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम के दौरान वाहन चालकों ने आसपास के पेड़ों के नीचे बैठकर समय बिताया। एक्सप्रेस-वे के दुहाई और मवीकलां इंटरचेंज पर भी वाहन रोके गए, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके।
बंद कराए वाहन और मोबाइल भी
चांदीनगर। दमकलकर्मियों और पुलिस ने गैस रिसाव से आग लगने की आशंका के चलते एक्सप्रेस-वे पर रोके गए वाहन बंद करा दिए। यही नहीं लोगों से कहा गया कि वह मोबाइल भी बंद कर दें। अंदेशा था कि कहीं गैस का रिसाव होने से आग न पकड़ लें। हालांकि किसी तरह का हादसा नहीं होने से सबने राहत की सांस ली। एनएचएआई और निर्माणाधीन कंपनी के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। हेल्पलाइन की गाड़ी के लिए एनएचएआई के सेफ्टी ऑफिसर ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। दोपहर तक पलटे हुए टैंकर की बगल से ही वाहन निकाले जाते रहे। लेकिन जैसे ही टैंकर में रिसाव शुरू हुआ, वाहन रोक दिए गए।
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