बागपत/चांदीनगर। हत्यारोपियों ने मंसूरपुर के कविंद्र को सीने, पेट, सिर, पीठ पर करीब 17 गोलियां मारी। इनमें से नौ गोलियां पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर से मिली है। जबकि गाजियाबाद के नवीपुर के कुलदीप को सिर, माथे, गर्दन, कान, पैर में करीब नौ गोलियां मारी। इसके शरीर के अंदर से छह गोलियां मिली है। हत्या में हथियार भी अलग-अलग इस्तेमाल किए गए हैं, जिससे साफ है कि पूरी योजना के तहत घटना को अंजाम दिया गया।
मंसूरपुर के कविंद्र उर्फ बिट्टू (45) चांदीनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उस पर बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा समेत अन्य जगहों पर करीब 18 मुकदमें दर्ज बताए जा रहे हैं। मगर वह पिछले काफी समय से अपराध से दूर था और वह खेती के साथ ही प्रॉपर्टी डीलिंग कर रहा था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो शादी हुई थी। पहली पत्नी रविता अपने एक बेट और एक बेटी के साथ गांव में रहती है तो दूसरी पत्नी स्वीटी मेरठ में रहती है। उसके भी एक बेटा और एक बेटी है। जिस कुलदीप की साथ में हत्या हुई है, वह दूसरी पत्नी का भाई है। जबकि नवीपुर गांव का कुलदीप (30) गांव में कोल्हू चलाता है। उसके बड़े भाई रोबिन सेना में जवान हैं तो बीकानेर में तैनात हैं। एक भाई संदीप चौधरी वकील है तो बहन वंदना सीआइएसएफ में कांस्टेबल के पद पर दिल्ली में तैनात हैं। कुलदीप की एक छोटी बेटी है। खैला के हरेंद्र के साथ कविंद्र की दोस्ती थी। एक-दूसरे के परिवार वाले भी उनको जानते थे। मगर हरेंद्र ही उनकी जान का दुश्मन बन गया और उनकी हत्या में शामिल हो गया।
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परिजनों ने सख्त सजा की मांग उठाई
नवीपुर के मृतक कुलदीप उर्फ गुल्लू के परिजनों ने थाने पहुंचकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई। इसके साथ उनको सख्त सजा दिए जाने और उनके घरों पर बुल्डोजर चलाने की बात भी कही। पुलिस ने उन सभी को गिरफ्तार करके कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सुपारी किलर भी शामिल बताए जा रहे
पुलिस का मानना है कि जिस तरह से हत्या की गई और इतनी गोलियां मारी गई। हत्या में अलग-अलग तरह के हथियार इस्तेमाल किए हैं। उससे यह भी सामने आ रहा है कि सुपारी किलर भी हत्या में शामिल हो सकते हैं। हालांकि यह दीपक की गिरफ्तारी के बाद ही साफ होगा।