-किसानों को एमएसपी और फसलों के दाम के मुद्दे से जोड़ेंगे तो युवाओं को बेरोजगारी के मुद्दे से प्रभावित करेंगे
- चौधरी चरण सिंह व अजित सिंह के सहारे भावनात्मक रूप से जुड़ेंगे, गठबंधन में कांग्रेस को जोड़ने का प्रयास
अंकित चौहान
बागपत। लोकसभा चुनाव से पहले रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह 1500 गांवों में जाकर लोगों की नब्ज टटोलेंगे। जहां किसानों, युवाओं व ग्रामीण क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा। इसके साथ ही अपने दादा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह के सहारे भी भावनात्मक रूप से लोगों से जुड़ेंगे।
रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए पूरी तैयारी शुरू कर दी है। वह गांवों में जाकर किसानों से एमएसपी और फसलों के दाम समेत अन्य मुद्दों को उठाएंगे तो युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा भी अहम होगा। चौधरी जयंत सिंह कहते है कि गांवों में रहने वाले लोगों की समस्याओं का तभी पता चलेगा, जब नेता गांवों की तरफ निकलेंगे। लखनऊ और दिल्ली में बैठकर गांव में रहने वाले किसान, मजदूर, युवा की समस्या को नहीं समझा जा सकता है और उसका निदान भी नहीं हो सकता है। संवाद
कांग्रेस का साथ लेकर गठबंधन मजबूत करने की तैयारी
रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने यह भी संकेत दिया कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का साथ लेकर गठबंधन को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में रालोद-सपा गठबंधन कामयाब रहा और अयोध्या जैसी जगह पर गठबंधन को जीत मिली। जयंत ने कहा कि कांग्रेस अच्छे विपक्ष की भूमिका निभा रही है और यह विचार किया जा रहा है कि विपक्ष से सरकार में कैसे आए। वह कर्नाटक में शपथ ग्रहण में जा रहे है और इसलिए ही 20 मई के कार्यक्रम रद्द किए गए है। कहा कि समय बताएगाा कि भविष्य में क्या गठबंधन बनेगा, लेकिन यह जरूर है कि गठबंधन का दायरा जरूर बढ़ेगा।
किसने बना दिया इनको बाबा
बागेश्वर धाम सरकार पर चौधरी जयंत सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि इस तरह के बदतमीज लोग है। पता नहीं इनको किसने बाबा बना दिया। वह ऐसा है कि बदतमीजी की बात बोलकर मैं भी चर्चा में आ जाऊं।