बागपत। तीनों नये कृषि कानूनों पर किसान आंदोलन की तपिश लगातार बढ़ रही है। बड़ौत के धरने को लेकर उठापटक का माहौल बन गया है। काठा में किसान धरने पर बैठ गए हैं। ऐसे हालात में किसान दिवस पर 23 दिसंबर को रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के जिले में दौरे ने पुलिस और प्रशासन की बेचैनी बढ़ा दी है। चर्चा है कि जयंत चौधरी बड़ौत के धरने पर पहुंचकर आंदोलन को और तेजी दे सकते हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर 23 दिसंबर को रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी जिले में किसानों के बीच होंगे। दोपहर एक बजे फखरपुर में रालोद नेता के बेटे की शोकसभा में शामिल होंगे। तीन बजे छपरौली में पुस्तकालय पर लोगों से मुलाकात करेंगे। बड़ौत धरने की गहमागहमी के बीच जयंत चौधरी के दौरे ने पुलिस और प्रशासन की बेचैनी बढ़ा दी है। चर्चा है कि बड़ौत के धरने पर भी जयंत चौधरी पहुंच सकते हैं। यदि जयंत चौधरी औद्योगिक पुलिस चौकी के धरने पर पहुंचे तो आंदोलन और अधिक तेजी पकड़ सकता है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गया है।
किसान नेताओं की बढ़ाई निगरानी, गश्त
बागपत। जिले में किसान आंदोलन में शामिल हो रहे नेताओं की निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा देहात क्षेत्र में पुलिस की गश्त बढ़ गई है।