हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने और आरक्षण की मांग के लिए जिला जाट सभा ने डीएम को ज्ञापन सौंपा।
बुधवार को सभा के अध्यक्ष डॉ जगपाल सिंह तेवतिया, महासचिव नगेंद्र सिंह और प्रधान संरक्षक जयपाल सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम हृदय शंकर तिवारी को आरक्षण के समर्थन में ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग संशोधन बिल 2015 को केंद्र सरकार द्वारा सरकारी विधेयक मानते हुए संसद में पारित कराने की मांग रखी गई। पंजाब, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, राजस्थान के जाट समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल किया जाए।
हरियाणा विधानसभा की ओर से पारित किए गए आरक्षण विधेयक की मान्य उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में उचित पैरवी की जाए। जाट आंदोलन के दौरान
शहीद हुए लोगों के परिवारजनों को मुआवजा और जींद जिले में यशपाल मलिक समेत अन्य 130 लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस होने चाहिए।
भीम सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुशीला देवी, कमलेश, जयपाल सिंह, धर्मपाल चेयरमैन, ब्रहमपाल, वीरेंद्र पंवार, महिपाल, हेमचंद्र, वीरेंद्र राणा, तेजपाल, कंवरसैन, शीशपाल तोमर, खिलारी सिंह मौजूद रहे।
पुसार में आज धरना-प्रदर्शन करेंगे जाट
दोघट। केंद्र में जाट आरक्षण को लेकर बृहस्पतिवार को पुसार में होने वाले धरना-प्रदर्शन की तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसमें चौधरी यशपाल मलिक भी शामिल होंगे।
पुसार के ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार ने बताया कि केंद्र में जाट आरक्षण की मांग को लेकर गांव मेें बस स्टैंड पर सुबह नौ बजे से धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस धरना-प्रदर्शन का उद्देश्य केंद्र में बैठी भाजपा सरकार को चेताना है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार नहीं चाहती कि केंद्र में जाटों को आरक्षण मिले और उनके बच्चें केंद्र की नौकरियों का लाभ उठाए। उन्होंने कहा कि यह हमारा हक है। हम केंद्र में जाट आरक्षण लेकर रहेंगे।